Month: March 2025

जलवायु पत्रिका

यह कैसी विडंबना है कि जब हम प्रकृति को जानने और उसके साहचर्य में जीने की बात करते हैं तो लगभग99 प्रतिशत लोगों का जवाब […]

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प्लास्टिक कचरे को कम करना होगा

प्लास्टिक कचरे को कम करना होगा

पंकज चतुर्वेदी पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के स्थानीय निकायों को ठोस कूड़े  के निष्पादन में कोताही बरतने पर नाखुशी जाहिर करते हुए पूछा […]

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जलवायु परिवर्तन से गड़बड़ा सकती है  भारत  की अर्थव्यवस्था

जलवायु परिवर्तन से गड़बड़ा सकती है  भारत  की अर्थव्यवस्था

पंकज चतुर्वेदी तमिलनाडु का धरमपुर रेशम के लिए मशहूर है । यहा हर साल लगभग 17 लाख टन रेशम कोकून की पैदावार होती है।  पिछले […]

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बैलों से खेती: छोटे व सीमांत किसानों को प्रोत्साहन ।

बैलों से खेती: छोटे व सीमांत किसानों को प्रोत्साहन ।

सुनील कुमार महला राजस्थान सरकार की ओर से छोटे और सीमांत किसानों के लिए कुछ समय पहले ही एक शानदार व अच्छा फैसला आया है। […]

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भूमध्य सागर के सबसे गहरे बिंदु तक जा पहुंचा प्लास्टिक का ज़हर !

भूमध्य सागर के सबसे गहरे बिंदु तक जा पहुंचा प्लास्टिक का ज़हर !

सुनील कुमार महला प्लास्टिक मानवजाति ही नहीं धरती के सभी प्राणियों के ‘जी का जंजाल’ बनता चला जा रहा है। यह ठीक है कि प्लास्टिक […]

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स्वच्छता का पर्व है होली

स्वच्छता का पर्व है होली

पंकज चतुर्वेदी होली भारत में किसी एक जाति, धर्म या क्षेत्र विशेष का पर्व नहीं है, इसकी पहचान देश की संस्कृति के रूप में होती […]

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वैश्विक गेहूं और चावल उत्पादन में वृद्धि एक अच्छा संकेत

वैश्विक गेहूं और चावल उत्पादन में वृद्धि एक अच्छा संकेत

सुनील कुमार महला इस साल यानी कि वर्ष 2025 में वैश्विक गेहूं और चावल उत्पादन में मामूली वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। हाल ही […]

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कुछ देर से ही सही, शुरू तो हुआ अरिबाडा

कुछ देर से ही सही, शुरू तो हुआ अरिबाडा

पंकज चतुर्वेदी जब फरवरी का आखिरी हफ्ता गुजर गया और मौसम गरम होने लगा तो  जीव प्रेमियों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गईं […]

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