साल 2026 के मार्च का पहला सप्ताह एक ऐसी खामोशी लेकर आया है जिसने पर्यावरणविदों और नीति-निर्धारकों की नींद उड़ा दी पंकज चतुर्वेदी कश्मीर की […]
Read moreCategory: Rivers and Lakes (नदियाँ और झीलें)
आस्था और वास्तविकता के बीच गंगा
ऋषिकेश–हरिद्वार में स्नान योग्य जल पर वैज्ञानिक सवाल अजय सहाय ऋषिकेश और हरिद्वार, जो कि गंगा नदी के हिमालयी उद्गम क्षेत्र के सबसे पवित्र और […]
Read moreआईटी शहरों का विस्तार और भारत का बढ़ता जल संकट
शहरों में झीलों और तालाबों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाना अजय सहाय 2003 के बाद भारत में आईटी आधारित शहरीकरण की तेज़ […]
Read moreधराली त्रासदी का नया सच: ग्लेशियर से टूटा हिमखंड बना विनाशकारी सैलाब
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालय दुनिया की सबसे युवा पर्वतमालाओं में से एक अजय सहाय 5 अगस्त 2025 को धराली (हर्षिल घाटी) में आई अचानक और […]
Read moreघटते तालाब, बढ़ता जल संकट: गाँव की जल-जीवन रेखा
तालाबों का भू-वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और कानूनी महत्व अजय सहाय भारत की पारंपरिक जल-संस्कृति में तालाब (पोंड/टैंक) हजारों वर्षों से ग्रामीण जल प्रबंधन का आधार […]
Read moreगंगा से गोदावरी तक: ‘डूबते’ डेल्टा और संकट में भारत का भविष्य
भारत के प्रमुख नदी डेल्टा और उनके किनारे तेजी से डूब रहे हैं पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियां वास्तव में करोड़ों लोगों के लिए जीवनदायिनी […]
Read moreपंचायती राज संस्थान जल सुरक्षा को तेजी से सुनिश्चित कर सकते हैं
जल प्रबंधन के स्थायी समाधानों की योजना बनाने और उन्हें सबसे उपयुक्त तरीके से ज़मीन पर लागू करने में स्थानीय सरकारें सबसे कारगर हो सकती […]
Read moreक्या है जल सुरक्षा: भारत की चुनौतियां और समाधान
किसी भी देश की सुरक्षा सिर्फ़ उसकी सीमाओं से संबंधित कारकों पर ही निर्भर नहीं होती। पानी जैसे संसाधनों की स्थिति भी सुरक्षा को प्रभावित […]
Read moreनदियों की कहानी, समुदायों की ज़ुबानी : पूर्वोत्तर जनस्मृति का डिजिटल अभिलेख
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच, नदी किनारे बसे समुदाय मेमोरी मैप्स, ऑडियो नोट्स और तस्वीरों के माध्यम से मौखिक इतिहास और पारंपरिक अनुकूलन रणनीतियों […]
Read moreगंगा जल गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण
सरकारी मानकों के अनुसार फीकल कोलिफॉर्म, BOD और वास्तविक स्वच्छता की सच्चाई अजय सहाय गंगा नदी की स्वच्छता को समझने के लिए हमें भावनाओं से […]
Read moreबापू (गांधी का स्वराज) , सर्वोदय और हलमा का समकालीन अर्थ
दूनिया जलवायु परिवर्तन, खाद्य असुरक्षा, भूमि क्षरण और जल संकट जैसी जटिल चुनौतियों से जूझ रही है विकास परसराम मेश्राम दूनिया जलवायु परिवर्तन, खाद्य असुरक्षा, […]
Read moreदेवदार से गंगा तक
हिमालयी वनों की जैव-रासायनिक शक्ति, बैक्टीरियोफेज विज्ञान और गंगा की स्व-शुद्धिकरण क्षमता पर विकास का प्रभाव अजय सहाय हिमालय की गोद में स्थित देवदार (Cedrus […]
Read moreदूषित झील कब्रगाह बनी मेहमान पंछियों के लिए
भारत की सबसे विशाल खारे पानी की झील ‘सांभर’ पंकज चतुर्वेदी इस साल तो प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू ही हुआ था कि […]
Read moreनदी पुनर्जीवन मॉडल
वैज्ञानिक आधार, डेटा रिकॉर्ड और 2047 के जल आत्मनिर्भर भारत का विज़न अजय सहाय भारत की नदियाँ केवल बहता हुआ जल नहीं बल्कि देश की […]
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