पंकज चतुर्वेदी दिल्ली में बगैर किसी अनुमति के हर घंटे औसतन पांच पेड़ काटे जा रहे हैं, वह भी बगैर किसी वैधानिक अनुमति के। दिल्ली […]
Read moreCategory: वृक्ष
अब दिखने लगा पर्यावरण पर बढ़ते तापमान का असर
रोहित कौशिक वैज्ञानिक कई वर्षों से यह चेतावनी दे रहे थे कि भविष्य में बढ़ते तापमान के कारण कई तरह के पर्यावरणीय बदलाव होंगे। […]
Read moreभारत: आन्ध्र प्रदेश में मैन्ग्रोव बने तटीय सुरक्षा कवच…
© UNDP India/Samuel Bathula पानी के किनारे उभरी जड़ों वाली मैन्ग्रोव पेड़ों की एक कतार. 4 अगस्त 2026 जलवायु और पर्यावरण भारत के आन्ध्र प्रदेश राज्य के […]
Read moreप्रकृति के संरक्षण से ही बचेगा जीवन.
बदलते हुए समय में हम प्रकृति और पर्यावरण का महत्व तो समझ गए हैं लेकिन गंभीरता के साथ प्रकृति को संरक्षित करने के प्रयास […]
Read moreहरित भविष्य की राह: प्रकृति संरक्षण का संकल्प।(28 जुलाई विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर विशेष आलेख)
प्रतिवर्ष 28 जुलाई को जैव विविधता के संरक्षण, विभिन्न प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित किए जाने,पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों […]
Read moreविश्व वर्षावन दिवस (22 जून): महत्व, उद्देश्य, थीम और संरक्षण के उपाय।
वर्षावनों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 22 जून को विश्व वर्षावन दिवस (वर्ल्ड रेन फोरेस्ट डे) मनाया जाता […]
Read moreयह कहना अतिषियोक्ति नहीं होगा कि गोवा का अस्तित्व मैनग्रोव वनों के कारण है , जिसने वहाँ शहरी इलाके में खारे पानी को रोका हुआ है – साथ ही भूमि कटाव, जल- जीवन का आधार भी मैनग्रोव ही है । पिछले कुछ सालों में कथित विकास के नाम अपर वहाँ मैनग्रोव को उजाड़ा जा रहा है और यह गोवा के अस्तित्व पर खतरे कि चेतावनी है । यह लेख इसी विषय पर है ।
उजड़ते मैनग्रोव वन से गोवा में तबाही का खतरा पंकज चतुर्वेदी गोवा अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, नदियों के सघन जाल और समृद्ध जैव-विविधता के लिए विश्व […]
Read moreवन प्रबंधन के लिए समुदाय व शासन में बेहतर समन्वय की जरूरत
झारखंड में सामुदायिक वन अधिकार के तहत ग्रामसभाएं जंगल के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इससे जंगल बचाने के साथ ग्रामीणों की […]
Read more