वर्षावनों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 22 जून को विश्व वर्षावन दिवस (वर्ल्ड रेन फोरेस्ट डे) मनाया जाता […]
Read moreCategory: वृक्ष
यह कहना अतिषियोक्ति नहीं होगा कि गोवा का अस्तित्व मैनग्रोव वनों के कारण है , जिसने वहाँ शहरी इलाके में खारे पानी को रोका हुआ है – साथ ही भूमि कटाव, जल- जीवन का आधार भी मैनग्रोव ही है । पिछले कुछ सालों में कथित विकास के नाम अपर वहाँ मैनग्रोव को उजाड़ा जा रहा है और यह गोवा के अस्तित्व पर खतरे कि चेतावनी है । यह लेख इसी विषय पर है ।
उजड़ते मैनग्रोव वन से गोवा में तबाही का खतरा पंकज चतुर्वेदी गोवा अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, नदियों के सघन जाल और समृद्ध जैव-विविधता के लिए विश्व […]
Read moreवन प्रबंधन के लिए समुदाय व शासन में बेहतर समन्वय की जरूरत
झारखंड में सामुदायिक वन अधिकार के तहत ग्रामसभाएं जंगल के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इससे जंगल बचाने के साथ ग्रामीणों की […]
Read moreआखिर क्यों चर्चा में है ‘खेजड़ी बचाओ जन-आंदोलन।’
सोलर पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करने के लिए कंपनियां बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की कटाई कर रही सुनील कुमार महला इन दिनों राजस्थान में […]
Read moreमरुधरा का महासंकट: उजड़ते ओरण और अस्तित्व की लड़ाई
‘खेजड़ी और ओरण बचाओ आंदोलन’ महज़ चंद पेड़ों को बचाने की कवायद नहीं है पंकज चतुर्वेदी राजस्थान के पश्चिमी अंचल में इन दिनों एक ऐसी […]
Read moreभारत की प्राचीनतम विरासत अरावली को बचाएं
अब अरावली विरासत को बचाने के लिए कौन जिम्मेदार है? जलपुरुष राजेंद्र सिंह भारत की प्राचीनतम विरासत अरावली पर्वतमाला है। यह दुनिया की दूसरी प्राचीनतम […]
Read moreवृक्षम्मा ने दुनिया को विदा कहा
थिमक्का ने बिना औपचारिक शिक्षा प्राप्त किए अपने वृक्षारोपण के मिशन की शुरुआत की। अंकित पद्मश्री सम्मानित पर्यावरण कार्यकर्ता ‘सालूमरदा’ थिमक्का का शुक्रवार 14 नवंबर […]
Read moreसरकारी आंकड़े जंगलों के क्षेत्रफल के साथ गुणवत्ता की भी बात क्यों नहीं करते?
जंगल से जुड़े सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण करती पर्यावरण जानकार, देबादित्यो सिन्हा और हृदयेश जोशी की एक बातचीत । हृदयेश जोशी सरकार द्वारा जारी नए […]
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