Category: Climate Change (जलवायु परिवर्तन)

कंक्रीट का विकास या नदियों का विनाश: रिवरफ्रंट के पीछे छुपी सच्चाई

नदी केवल पानी की एक धारा नहीं होती बल्कि यह एक जीवित पारिस्थितिकी तंत्र होती है अजय सहाय आज के समय में भारत सहित विश्व […]

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नल में जल, बनाम कागजों पर राहत जल सुरक्षा की अधूरी जंग

नल में जल, बनाम कागजों पर राहत जल सुरक्षा की अधूरी जंग

जल जीवन मिशन  और ‘अमृत’  जैसे प्रोजेक्ट्स के पिछले सात वर्षों के सफर को देखें पंकज चतुर्वेदी भारत दुनिया की लगभग 18% आबादी का घर […]

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India's Green Path From Conservation to Climate Action

भारत का हरित पथ

संरक्षण से जलवायु कार्रवाई तक परिचय इक्कीसवीं सदी में विकास और पर्यावरण के बीच संबंध नीति-विमर्श के हाशिए से उठ कर राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया के […]

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विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ताज़ा रिपोर्ट-2026 तपती धरती और बढ़ता संकट: क्या हम चेतेंगे ?

विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ताज़ा रिपोर्ट-2026

तपती धरती और बढ़ता संकट: क्या हम चेतेंगे ? सुनील कुमार महला लगातार अंधाधुंध दोहन और प्रकृति के प्रति लापरवाही के कारण आज हमारी धरती(नीला […]

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मार्च में दिसंबर की दस्तक : बिखरता ऋतुचक्र

मार्च में दिसंबर की दस्तक : बिखरता ऋतुचक्र

इस विचित्र कोहरे के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझना अनिवार्य पंकज चतुर्वेदी भारतीय कैलेंडर में मार्च का महीना उस संधि काल का प्रतीक है […]

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धराली त्रासदी का नया सच: ग्लेशियर से टूटा हिमखंड बना विनाशकारी सैलाब

धराली त्रासदी का नया सच: ग्लेशियर से टूटा हिमखंड बना विनाशकारी सैलाब

भू-वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालय दुनिया की सबसे युवा पर्वतमालाओं में से एक अजय सहाय 5 अगस्त 2025 को धराली (हर्षिल घाटी) में आई अचानक और […]

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घटते तालाब, बढ़ता जल संकट: गाँव की जल-जीवन रेखा तालाबों का भू-वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और कानूनी महत्व

घटते तालाब, बढ़ता जल संकट: गाँव की जल-जीवन रेखा

तालाबों का भू-वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और कानूनी महत्व अजय सहाय भारत की पारंपरिक जल-संस्कृति में तालाब (पोंड/टैंक) हजारों वर्षों से ग्रामीण जल प्रबंधन का आधार […]

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कचरे पर कड़ा रुख: न्यायपालिका के निर्देश और ज़मीनी सच्चाई

कचरे पर कड़ा रुख: न्यायपालिका के निर्देश और ज़मीनी सच्चाई

ठोस कचरे का प्रबंधन आज के समय की एक बहुत बड़ी आवश्यकता बन चुका है सुनील कुमार महला ठोस कचरे का प्रबंधन आज के समय […]

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