Category: Water (जल)

केरल में स्वास्थ्य विभाग शिगेला  संक्रमण के प्रकोप से अलर्ट पर है। दूषित भोजन और पानी से फैलने वाले इस बैक्टीरियल संक्रमण के कारण राज्य में 6  लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इस साल अब तक 146 मामले सामने आ चुके हैं। इस संक्रमण ने केरल के स्वास्थ्य सूचकांक जैसे दावों की पोल खोल कर रख दी है । यह लेख इसी विषय पर है। 

स्वास्थ्य सूचकांकों में अव्वल केरल में शिगेला के बहाने सामने आई जल प्रबंधन की लाचारी पंकज चतुर्वेदी केरल में गंदे पानी से फैलने वाले शिगेला […]

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डिजिटल भारत की बुनियाद में सूखते जलस्रोत

अमेरिका के जॉर्जिया राज्य की न्यूटन काउंटी और उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के पास स्थित तुसियाना नाम का गांव  इन दोनों के बीच भाषा, संस्कृति और […]

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बढ़ते पर्यटकों के आंकड़ों से भले ही लेह-लद्दाख मुस्कुरा रहा हो, एलकीं बढ़ती भीड़ से वहाँ के पर्यावरण को हो रहे स्थाई नुकसान ने “धरती के स्वर्ग ” के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है । यह लेख लेह-लद्दाख में उभर रही पर्यावरणीय समस्याओं का अध्ययन है ।

संकट में ‘शांग्री-ला‘: अनियंत्रित पर्यटन और लद्दाख का सुलगता पर्यावरण पंकज चतुर्वेदी लेह प्रशासन बड़े गर्व से बताया रहा है  कि पिछले साल की तुलना […]

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चीन द्वारा तिब्बत में भारत की सीमा के करीब निर्मित सबसे बड़ा बांध – जल विद्युत परियोजना पूरी हो गई है । इससे अरुणाचल प्रदेश सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों की जल धाराओं के किनारे भासे शहरों- बस्तियों पर आशंका के बादल मंडरा रहे हैं । यह लेख इसी मसले पर है। 

पूर्वोत्तर पर  तिब्बत में चीनी बांध का पहरा पंकज चतुर्वेदी तिब्बत के पठार से निकलकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को जीवन देने वाली यारलुंग त्साँगपो […]

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मिठास के पीछे का कड़वा सच: मराठवाड़ा के गन्ना मज़दूरों की कहानी

मराठवाड़ा एक सूखा-प्रभावित इलाका है जहां खेती भरोसेमंद नहीं है। सन 1950 के आस-पास अहमदनगर में पहली शुगर फैक्ट्री बनी थी और वहीं से एक […]

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बंजर होता बुंदेलखंड

रवीन्द्र व्यास    “भूमि को पुनर्स्थापित करो, अवसरों को खोलो” के थीम के साथ मनाए जा रहे विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस ने बुंदेलखंड […]

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महिलाओं के सिर पर मटका, उद्योगों के हाथ में पानी अन्याय की नई रेखा

भारत में भूजल की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है और इस संकट की ओर कई दशकों से अनदेखी हो रही है। नेशनल ग्रीन […]

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भारत जल गुणवत्ता रिपोर्ट 2025: हिमालय की शुद्धता से लेकर मैदानों के ‘जहर’ तक का सफर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 2025 के आंकड़े शाहिद अख्तर, वरिष्ठ पत्रकार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 2025 के आंकड़े साफ साफ आगाह […]

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