Category: Agriculture and Land (खेती और ज़मीन)

कश्मीर का सेब: मुनाफे की चमक के पीछे छिपा जानलेवा जहर

पंकज चतुर्वेदी कश्मीर की वादियों में सेब के बागान केवल पेड़ों की कतारें नहीं हैं, बल्कि ये उस अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं जिस पर हजारों […]

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भारत में कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी ढांचागत चुनौती जोतों का घटता आकार है।   छोटे रकवे के कारण खेती लाभ का सौदा है नहीं । इसका क्या निराकरण है। यह लेख इसी विषय पर है । 

कम होता  खेत का आकार और घाटे के खेती पंकज चतुर्वेदी बीते एक दशक के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के बावजूद  खेती-किसानी लाभ का सौदा […]

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युद्ध, जलवायु संकट और खेती का भविष्य

पवन नागर वर्तमान समय में दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ एक ओर विज्ञान और तकनीक नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं, […]

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झूम खेती के संकट से निकलने का रास्ता कैसे खोज रहे हैं मणिपुर के किसान?

बढ़ती आबादी, भूमि पर बढ़ते दबाव और बदलते पर्यावरण के बीच मणिपुर के किसानों के लिए झूम खेती अब पहले जितनी प्रभावी नहीं रही है। […]

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चीन द्वारा तिब्बत में भारत की सीमा के करीब निर्मित सबसे बड़ा बांध – जल विद्युत परियोजना पूरी हो गई है । इससे अरुणाचल प्रदेश सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों की जल धाराओं के किनारे भासे शहरों- बस्तियों पर आशंका के बादल मंडरा रहे हैं । यह लेख इसी मसले पर है। 

पूर्वोत्तर पर  तिब्बत में चीनी बांध का पहरा पंकज चतुर्वेदी तिब्बत के पठार से निकलकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को जीवन देने वाली यारलुंग त्साँगपो […]

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दाल उत्सव , परंपरा, पोषण और खाद्यस्वराज का संगम

राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात के आदिवासी अंचलों में खेती कभी केवल अनाज उगाने की क्रिया नहीं रही। यह जीवन जीने का एक पूरा दर्शन है […]

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मिठास के पीछे का कड़वा सच: मराठवाड़ा के गन्ना मज़दूरों की कहानी

मराठवाड़ा एक सूखा-प्रभावित इलाका है जहां खेती भरोसेमंद नहीं है। सन 1950 के आस-पास अहमदनगर में पहली शुगर फैक्ट्री बनी थी और वहीं से एक […]

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