श्री राजेंद्र सिंह — जब किसी गाँव से पानी गायब हो जाता है, तो केवल उसके कुएँ और तालाब नहीं सूखते, बल्कि उसके साथ गाँव […]
Read moreCategory: Agriculture and Land (खेती और ज़मीन)
भारत में कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी ढांचागत चुनौती जोतों का घटता आकार है। छोटे रकवे के कारण खेती लाभ का सौदा है नहीं । इसका क्या निराकरण है। यह लेख इसी विषय पर है ।
कम होता खेत का आकार और घाटे के खेती पंकज चतुर्वेदी बीते एक दशक के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के बावजूद खेती-किसानी लाभ का सौदा […]
Read moreयुद्ध, जलवायु संकट और खेती का भविष्य
पवन नागर वर्तमान समय में दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ एक ओर विज्ञान और तकनीक नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं, […]
Read moreझूम खेती के संकट से निकलने का रास्ता कैसे खोज रहे हैं मणिपुर के किसान?
बढ़ती आबादी, भूमि पर बढ़ते दबाव और बदलते पर्यावरण के बीच मणिपुर के किसानों के लिए झूम खेती अब पहले जितनी प्रभावी नहीं रही है। […]
Read moreचीन द्वारा तिब्बत में भारत की सीमा के करीब निर्मित सबसे बड़ा बांध – जल विद्युत परियोजना पूरी हो गई है । इससे अरुणाचल प्रदेश सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों की जल धाराओं के किनारे भासे शहरों- बस्तियों पर आशंका के बादल मंडरा रहे हैं । यह लेख इसी मसले पर है।
पूर्वोत्तर पर तिब्बत में चीनी बांध का पहरा पंकज चतुर्वेदी तिब्बत के पठार से निकलकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को जीवन देने वाली यारलुंग त्साँगपो […]
Read moreदाल उत्सव , परंपरा, पोषण और खाद्यस्वराज का संगम
राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात के आदिवासी अंचलों में खेती कभी केवल अनाज उगाने की क्रिया नहीं रही। यह जीवन जीने का एक पूरा दर्शन है […]
Read moreमिठास के पीछे का कड़वा सच: मराठवाड़ा के गन्ना मज़दूरों की कहानी
मराठवाड़ा एक सूखा-प्रभावित इलाका है जहां खेती भरोसेमंद नहीं है। सन 1950 के आस-पास अहमदनगर में पहली शुगर फैक्ट्री बनी थी और वहीं से एक […]
Read moreबंजर होता बुंदेलखंड
रवीन्द्र व्यास “भूमि को पुनर्स्थापित करो, अवसरों को खोलो” के थीम के साथ मनाए जा रहे विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस ने बुंदेलखंड […]
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