पूर्वोत्तर पर तिब्बत में चीनी बांध का पहरा पंकज चतुर्वेदी तिब्बत के पठार से निकलकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को जीवन देने वाली यारलुंग त्साँगपो […]
Read moreCategory: Agriculture and Land (खेती और ज़मीन)
दाल उत्सव , परंपरा, पोषण और खाद्यस्वराज का संगम
राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात के आदिवासी अंचलों में खेती कभी केवल अनाज उगाने की क्रिया नहीं रही। यह जीवन जीने का एक पूरा दर्शन है […]
Read moreमिठास के पीछे का कड़वा सच: मराठवाड़ा के गन्ना मज़दूरों की कहानी
मराठवाड़ा एक सूखा-प्रभावित इलाका है जहां खेती भरोसेमंद नहीं है। सन 1950 के आस-पास अहमदनगर में पहली शुगर फैक्ट्री बनी थी और वहीं से एक […]
Read moreबंजर होता बुंदेलखंड
रवीन्द्र व्यास “भूमि को पुनर्स्थापित करो, अवसरों को खोलो” के थीम के साथ मनाए जा रहे विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस ने बुंदेलखंड […]
Read moreबेमौसम बारिश का कहर: किसानों की मेहनत पर प्रकृति की मार ।
उत्तर भारत के कई हिस्सों में बेमौसम मौसम का कहर देखने को मिल रहा है। सुनील कुमार महला भारत विश्व का एक प्रमुख कृषि प्रधान […]
Read moreशुक्र है, ‘फोर्टिफाइड’ चावल बांटने पर रोक लगी
एक बड़ी आबादी के लिए यह पोषण नहीं था और इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा था सरकार ने अप्रैल 2022 में राशन […]
Read moreखेती और पर्यावरण के लिए क्यों जरूरी है दीमक?
“ऊई हुंका” अर्थात दीमक की बाँबियाँ लुप्त होने का अर्थ है कि धरती संकट में हैं । पंकज चतुर्वेदी उड़ीसा का कश्मीर कहलाने वाले कंधमाल […]
Read moreमिजोरम में शिकार की परंपरा को चुनौती देता एक बर्डवॉचिंग फेस्टिवल
हर वर्ष आइजोल के साइलाम बर्ड सैंक्चुअरी में आयोजित होने वाला सीएससी एक सप्ताह तक चलने वाला एक पक्षी गणना अभियान है। ललओमोईया साइलो मिजोरम […]
Read more