जलवायु परिवर्तन और लुप्त होता अमरनाथ शिवलिंग अमरनाथ यात्रा: आस्था, प्रकृति और हमारी बढ़ती जिम्मेदारी पंकज चतुर्वेदी करोड़ों हिंदुओं की गहरी आस्था का केंद्र अमरनाथ […]
Read moreCategory: Environment (पर्यावरण )
केरल में स्वास्थ्य विभाग शिगेला संक्रमण के प्रकोप से अलर्ट पर है। दूषित भोजन और पानी से फैलने वाले इस बैक्टीरियल संक्रमण के कारण राज्य में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इस साल अब तक 146 मामले सामने आ चुके हैं। इस संक्रमण ने केरल के स्वास्थ्य सूचकांक जैसे दावों की पोल खोल कर रख दी है । यह लेख इसी विषय पर है।
स्वास्थ्य सूचकांकों में अव्वल केरल में शिगेला के बहाने सामने आई जल प्रबंधन की लाचारी पंकज चतुर्वेदी केरल में गंदे पानी से फैलने वाले शिगेला […]
Read moreमिठास के पीछे का कड़वा सच: मराठवाड़ा के गन्ना मज़दूरों की कहानी
मराठवाड़ा एक सूखा-प्रभावित इलाका है जहां खेती भरोसेमंद नहीं है। सन 1950 के आस-पास अहमदनगर में पहली शुगर फैक्ट्री बनी थी और वहीं से एक […]
Read moreबंजर होता बुंदेलखंड
रवीन्द्र व्यास “भूमि को पुनर्स्थापित करो, अवसरों को खोलो” के थीम के साथ मनाए जा रहे विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस ने बुंदेलखंड […]
Read moreमहिलाओं के सिर पर मटका, उद्योगों के हाथ में पानी अन्याय की नई रेखा
भारत में भूजल की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है और इस संकट की ओर कई दशकों से अनदेखी हो रही है। नेशनल ग्रीन […]
Read moreयह कहना अतिषियोक्ति नहीं होगा कि गोवा का अस्तित्व मैनग्रोव वनों के कारण है , जिसने वहाँ शहरी इलाके में खारे पानी को रोका हुआ है – साथ ही भूमि कटाव, जल- जीवन का आधार भी मैनग्रोव ही है । पिछले कुछ सालों में कथित विकास के नाम अपर वहाँ मैनग्रोव को उजाड़ा जा रहा है और यह गोवा के अस्तित्व पर खतरे कि चेतावनी है । यह लेख इसी विषय पर है ।
उजड़ते मैनग्रोव वन से गोवा में तबाही का खतरा पंकज चतुर्वेदी गोवा अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, नदियों के सघन जाल और समृद्ध जैव-विविधता के लिए विश्व […]
Read moreप्रशांत की तपिश और मानसून की परीक्षा: सुपर अल-नीनो की चुनौती
पंकज चतुर्वेदी सुपर अल-नीनो जैसी गंभीर जलवायु घटना का खतरा हमारे देश के सर पर खड़ा है । प्राकृतिक आपदा से जूझने के लिए देश […]
Read moreधरती का स्पर्श,स्वस्थ जीवन का आधार:मिट्टी, चुंबकत्व और शरीर की ऊर्जा।
मिट्टी मानव जीवन का मूल आधार है। कहना ग़लत नहीं होगा कि हमारे भोजन, जल, वनस्पति तथा समस्त जीव-जगत का अस्तित्व मिट्टी पर ही निर्भर […]
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