Category: Article (लेख)

अमरनाथ गुफ़ा (लगभग 3,888 मीटर ऊँचाई, दक्षिण कश्मीर) में बना प्राकृतिक हिम-शिवलिंग इस साल तेज़ी से पिघला; 5–6 दिनों में ही ऊँचाई घटकर लगभग 1 फ़ुट तक रह गई और 90% से अधिक भाग विलीन हो गया।   आखिर किस तरह जलवायु परिवर्तन और स्थानीय गतिविधियां अमरनाथ में चुनौती बन गए हैं , यह लेख इन्हीं तथ्यों पर है । 

जलवायु परिवर्तन  और लुप्त होता अमरनाथ शिवलिंग  अमरनाथ यात्रा: आस्था, प्रकृति और हमारी बढ़ती जिम्मेदारी पंकज चतुर्वेदी करोड़ों हिंदुओं की गहरी आस्था का केंद्र अमरनाथ […]

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योरोप में भीषण गर्मी ने 1970 के दशक के रिकॉर्ड तोड़े

© Unsplash/Jerry Zhang गैस की एक नाज़ुक ढाल के रूप में ओज़ोन परत, पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाती है. 10 जुलाई 2026 जलवायु और […]

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केरल में स्वास्थ्य विभाग शिगेला  संक्रमण के प्रकोप से अलर्ट पर है। दूषित भोजन और पानी से फैलने वाले इस बैक्टीरियल संक्रमण के कारण राज्य में 6  लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इस साल अब तक 146 मामले सामने आ चुके हैं। इस संक्रमण ने केरल के स्वास्थ्य सूचकांक जैसे दावों की पोल खोल कर रख दी है । यह लेख इसी विषय पर है। 

स्वास्थ्य सूचकांकों में अव्वल केरल में शिगेला के बहाने सामने आई जल प्रबंधन की लाचारी पंकज चतुर्वेदी केरल में गंदे पानी से फैलने वाले शिगेला […]

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ठंडक की चाहत में तपती धरती

पंकज चतुर्वेदी समय से पहले  अब गर्मी आना  सामान्य बात हो गई हैं  और जैसे-जैसे पारा चढ़ना शुरू होता है, देश के मध्यम और उच्च […]

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डिजिटल भारत की बुनियाद में सूखते जलस्रोत

अमेरिका के जॉर्जिया राज्य की न्यूटन काउंटी और उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के पास स्थित तुसियाना नाम का गांव  इन दोनों के बीच भाषा, संस्कृति और […]

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बढ़ते पर्यटकों के आंकड़ों से भले ही लेह-लद्दाख मुस्कुरा रहा हो, एलकीं बढ़ती भीड़ से वहाँ के पर्यावरण को हो रहे स्थाई नुकसान ने “धरती के स्वर्ग ” के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है । यह लेख लेह-लद्दाख में उभर रही पर्यावरणीय समस्याओं का अध्ययन है ।

संकट में ‘शांग्री-ला‘: अनियंत्रित पर्यटन और लद्दाख का सुलगता पर्यावरण पंकज चतुर्वेदी लेह प्रशासन बड़े गर्व से बताया रहा है  कि पिछले साल की तुलना […]

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चीन द्वारा तिब्बत में भारत की सीमा के करीब निर्मित सबसे बड़ा बांध – जल विद्युत परियोजना पूरी हो गई है । इससे अरुणाचल प्रदेश सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों की जल धाराओं के किनारे भासे शहरों- बस्तियों पर आशंका के बादल मंडरा रहे हैं । यह लेख इसी मसले पर है। 

पूर्वोत्तर पर  तिब्बत में चीनी बांध का पहरा पंकज चतुर्वेदी तिब्बत के पठार से निकलकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को जीवन देने वाली यारलुंग त्साँगपो […]

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दाल उत्सव , परंपरा, पोषण और खाद्यस्वराज का संगम

राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात के आदिवासी अंचलों में खेती कभी केवल अनाज उगाने की क्रिया नहीं रही। यह जीवन जीने का एक पूरा दर्शन है […]

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