Category: Article (लेख)

हिमालय की शुद्ध आबोहवा पर थार का ‘जैविक प्रहार’

रेगिस्तान की धूल का हिमालय तक पहुँचना कोई सामान्य घटना नहीं है पंकज चतुर्वेदी हिमालय की जिन बर्फीली चोटियों को हम शुद्धता और जीवनदायिनी हवा […]

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झीलों को बीमार कर रहा है माइक्रोप्लास्टिक

शहरों की झीलों में माइक्रोप्लास्टिक का बढ़ता प्रदूषण एक गंभीर पर्यावरणीय चिंता का विषय बन गया है पंकज चतुर्वेदी शहरों की जीवनरेखा कही जाने वाली […]

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हाथियों की विरासत: जैव विविधता और पर्यावरण का अनमोल हिस्सा

अवैध शिकार, जहर देकर मारना तथा पटाखों या जहर मिले फलों से भी हाथियों की मृत्यु के मामले सामने आते रहे हैं सुनील कुमार महला […]

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नदी में दूध : आस्था का अतिवाद और पारिस्थितिकी पर प्रहार

नदी में दूध  : आस्था का अतिवाद और पारिस्थितिकी पर प्रहार

नर्मदा नदी के अभिषेक के लिए  टैंकरों से 11 हजार लीटर दूध नर्मदा में अर्पित पंकज चतुर्वेदी नर्मदा, जिसे मध्य भारत की जीवनरेखा कहा जाता […]

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नल में जल, बनाम कागजों पर राहत जल सुरक्षा की अधूरी जंग

नल में जल, बनाम कागजों पर राहत जल सुरक्षा की अधूरी जंग

जल जीवन मिशन  और ‘अमृत’  जैसे प्रोजेक्ट्स के पिछले सात वर्षों के सफर को देखें पंकज चतुर्वेदी भारत दुनिया की लगभग 18% आबादी का घर […]

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India's Green Path From Conservation to Climate Action

भारत का हरित पथ

संरक्षण से जलवायु कार्रवाई तक परिचय इक्कीसवीं सदी में विकास और पर्यावरण के बीच संबंध नीति-विमर्श के हाशिए से उठ कर राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया के […]

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ग्रामीण भारत में प्लास्टिक कचरे का हिसाब करना क्यों जरूरी है?

ग्रामीण भारत में प्लास्टिक कचरे का हिसाब करना क्यों जरूरी है?

ग्रामीण भारत में हर साल लाखों टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, जिसका आकलन नहीं होता। ऐसे में ग्रामीण स्तर के आंकड़ों को जोड़कर एक […]

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