ढोल मिथुनों का शिकार करने लगे हैं क्योंकि उनके आम शिकारों को इंसानों ने खत्म कर दिया है। इन हमलों में मिथुन खोने वाले किसान […]
Read moreCategory: Forest and Animals (जंगल और जानवर)
हाथियों की विरासत: जैव विविधता और पर्यावरण का अनमोल हिस्सा
अवैध शिकार, जहर देकर मारना तथा पटाखों या जहर मिले फलों से भी हाथियों की मृत्यु के मामले सामने आते रहे हैं सुनील कुमार महला […]
Read moreवन प्रबंधन के लिए समुदाय व शासन में बेहतर समन्वय की जरूरत
झारखंड में सामुदायिक वन अधिकार के तहत ग्रामसभाएं जंगल के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इससे जंगल बचाने के साथ ग्रामीणों की […]
Read moreमिजोरम में शिकार की परंपरा को चुनौती देता एक बर्डवॉचिंग फेस्टिवल
हर वर्ष आइजोल के साइलाम बर्ड सैंक्चुअरी में आयोजित होने वाला सीएससी एक सप्ताह तक चलने वाला एक पक्षी गणना अभियान है। ललओमोईया साइलो मिजोरम […]
Read moreहाथी क्यों हो रहा है हिंसक
पिछले एक महीने में छत्तीसगढ़ के कोरबा, बलरामपुर, जशपुर आदि में जंगली हाथियों के गाँव-बस्ती पर हमले की 50 से अधिक घटनाएं हुई पंकज चतुर्वेदी […]
Read moreहाथी- मानव भिड़ंत क्यों बढ़ रही है ?
झारखंड के उड़ीसा से सटे जिले पूर्वी सिंहभूमि में 9 दिनों में 19 लोगों को हाथी द्वारा मार देने की घटना हाथी के बदलते स्वभाव […]
Read moreजैव विविधता संकट
पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र का टूटता संतुलन और मानव सभ्यता पर बढ़ता अस्तित्व संकट अजय सहाय जलवायु परिवर्तन, अंधाधुंध वनों की कटाई, वायु प्रदूषण, जल […]
Read moreकॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है
सामुदायिक संसाधनों पर चर्चा और जागरुकता बनाए रखने के लिए ग्राम-सभाओं को सशक्त बनाना और उनके एजेंडे को कॉमन्स और समुदाय की जरूरतों पर केंद्रित […]
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