रंग बिरंगी तितलियाँ विलुप्त होने की कगार पर, जीव वैज्ञानिकों ने आशंका जाहिर की है। रात की जगमग रोशनी तितलियों के लिए खतरनाक साबित हो रही है।
Read moreCategory: Forest and Animals (जंगल और जानवर)
वनों की आग से बढ़ता पर्यावरणीय खतरा
वनों की आग ने एक बार फिर से आपदा प्रबंधन, पर्यावरणीय सुरक्षा, बहुमूल्य वनस्पति एवं वन्यजीवों के संरक्षण जैसे बहुत से प्रश्नों पर विचार करने को विवश कर दिया है।
Read moreबाढ़ के कारण जानवरों का कब्रगाह बना कांजीरंगा
कांजीरंगा उद्यान की खासियत यहां मिलने वाला एक सींग का गैंडा है। इस प्रजाति के सारी दुनिया में उपलब्ध गैंडों का दो-तिहाई इसी क्षेत्र में मिलता है।
Read moreहाथी क्यों न रहा साथी ?
‘द क्रिटिकल नीड आफ एलेफेंट ’ उब्लूडब्लूएफ-इंडिया की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में इस समय कोई 50 हजार हाथी बचे हैं इनमें से साठ फीसदी का आसरा भारत है। देश के 14 राज्यों में 32 स्थान हाथियों के लिए संरक्षित हैं।
Read moreफिर कुत्ते कहाँ जाएँ
यह भयावह है कि बकौल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) दुनिया में 36 प्रतिशत कुत्ते के काटने से होने वाले रैबीज़ से मौत के मामले भारत में होते हैं। जो कि 18,000 से 20,000 है । रेबीज़ से मौतों में से 30 से 60 प्रतिशत मामलों में पीड़ित की उम्र 15 साल से कम होती है।
Read moreएक सींग वाले गैंडे के अवैध शिकार के पीछे संगठित अपराधी
एक सींग वाला गैंडा दुनिया में संकटग्रस्त प्राणी घोषित है। इसकी संख्या सारे संसार में बामुश्किल 4000 होगी और इनमें से 88 प्रतिशत असम में ही हैं। कोई 2613 काजीरंगा पार्क में हैं तो पवित्र अभ्यारण में 107 और ओराङ्ग राष्ट्रीय उधयं में 125 गैंडे हैं। मानस संरक्षित वन में भी लगभग 45 एक सींग के गैंडे हैं ।
Read moreबगैर बछड़े के नहीं बचेगा देहात
1976 में राष्ट्रीय कृषि आयोग की रिपोर्ट में कहा गया था कि गोबर को चूल्हे में जलाया जाना एक अपराध है उर्जा विशेषज्ञ मानते हैं कि हमारे देश में गोबर के जरिए 2000 मेगावाट उर्जा उपजाई जा सकती है । यह तथ्य सरकार
में बैठे लेग जानते हैं कि भारत में मवेशियों की संख्या कोई तीस करोड़ है। इनसे लगभग 30 लाख टन गोबर हर रोज मिलता है।