अब शहरों में पेड़ हमें पार्क, बड़ी सोसाइटी के लॉन या सार्वजनिक जगहों पर मिलेंगे। पिछले कुछ वर्षों में शहर में सुंदरता के नाम पर फुटपाथ पक्के किए जा रहे हैं, नालियों को पाटा जा रहा है। अपने घरों में लोग गेट तक फर्श पक्का करवा रहे हैं जिससे घर में मिट्टी नहीं आए, पेड़ों से पत्ते नहीं गिरें।
Read moreCategory: Forest and Animals (जंगल और जानवर)
राज्य पक्षी गोडावण संकट में
अब कृत्रिम निषेचन पर निर्भर अतिक्रमण और खनन से उजड़ा गोडावण का जैविक-प्राकृतिक क्षेत्र अजमेर अतिक्रमण और खनन के कारण सोकलिया-अरवड़ क्षेत्र उजड़ रहा है। […]
Read moreजंगली आग के लिए मानवीय गतिविधियां ही अधिक जिम्मेदार हैं ।
मानवीय गतिविधियां ही अधिक जिम्मेदार हैं । सुनील कुमार महला आग से धरती की उर्वरा शक्ति को भी बड़ा नुक़सान होता है । वास्तव […]
Read moreओडिशा जलवायु परिवर्तन कार्य योजना 2021 – 30
2008 में जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) के शुभारंभ के बाद, राज्य सरकारों को एनएपीसीसी की रणनीतियों के अनुरूप जलवायु परिवर्तन पर अपनी […]
Read moreमानव का जंगल-जीवन, प्रकृति में हस्तक्षेप।
सुनील कुमार महला हाल ही में राजस्थान की शिक्षा नगरी कहलाने वाले सीकर जिले के आबादी इलाके में घुसे एक तेंदुए ने पांच घंटों तक […]
Read moreबन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ेगा गिद्धों का कुनबा
हरियाणा के पिंजौर गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र से आएंगे 20 गिद्ध बेंगलूरु. बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान (बीएनपी) में बहुप्रतीक्षित गिद्ध प्रजनन केंद्र का सपना हकीकत में […]
Read moreसंदर्भः- बांधवगढ़ उद्यान में 10 हाथियों की मौत
पौष्टिक फसल खाने से मरे हाथी प्रमोद भार्गव मध्य-प्रदेश और छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय उद्यानों से हाथियों की असामयिक मौत की खबरें आना कोई नई बात […]
Read moreआखिर क्यों नहीं रहा हाथी मेरा साथी ?
पंकज चतुर्वेदी दीपवाली के ठीक एक दिन पहले मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में एक साथ दस हाथियों के मारे जाने से दुनिया सन्न है । […]
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