समय के साथ कम हो चली है झींगुरों की झांय-झांय ! सुनील कुमार महला जून के इस महीने में इन दिनों में यह लेखक पहाड़ी […]
Read moreCategory: Forest and Animals (जंगल और जानवर)
क्यों टूट रही हैं इन्सान और कुत्ते की दोस्ती
क्यों टूट रही हैं इन्सान और कुत्ते की दोस्ती पंकज चतुर्वेदी राजधानी दिल्ली से सटे गाज़ियाबाद की बहुत सी बहुमंजिला इमारत के समाज अर्थात सोसायटी […]
Read moreखतरे में हैं धरती का सबसे मेहनती सुपर जीव मधुमक्खियां !
सुनील कुमार महला खतरे में हैं धरती का सबसे मेहनती सुपर जीव मधुमक्खियां ! पृथ्वी पर लगातार बढ़ती आबादी, औधोगिकीकरण और शहरीकरण, तेजी से विकास […]
Read moreबदलते मौसम के मिजाज के कारण अधिक सुलग रहे हैं जंगल
बदलते मौसम के मिजाज के कारण अधिक सुलग रहे हैं जंगल पंकज चतुर्वेदी नैसर्गिक सौन्दर्य , हरी भरी पहाड़ियों और उनमें बसने वाले दुर्लभ जानवरों […]
Read moreमनुष्य के दुश्मन नहीं, हितकारी हैं समस्त पशु-पक्षी !
सुनील कुमार महला सोशल नेटवर्किंग साइट्स के फायदे भी बहुत हैं। हाल ही में फेसबुक पर राजस्थान के एक स्थानीय यू-ट्यूब रील्स कलाकार(कामेडियन) की एक […]
Read moreबदलते पर्यावरण में हम
अब शहरों में पेड़ हमें पार्क, बड़ी सोसाइटी के लॉन या सार्वजनिक जगहों पर मिलेंगे। पिछले कुछ वर्षों में शहर में सुंदरता के नाम पर फुटपाथ पक्के किए जा रहे हैं, नालियों को पाटा जा रहा है। अपने घरों में लोग गेट तक फर्श पक्का करवा रहे हैं जिससे घर में मिट्टी नहीं आए, पेड़ों से पत्ते नहीं गिरें।
Read moreराज्य पक्षी गोडावण संकट में
अब कृत्रिम निषेचन पर निर्भर अतिक्रमण और खनन से उजड़ा गोडावण का जैविक-प्राकृतिक क्षेत्र अजमेर अतिक्रमण और खनन के कारण सोकलिया-अरवड़ क्षेत्र उजड़ रहा है। […]
Read moreजंगली आग के लिए मानवीय गतिविधियां ही अधिक जिम्मेदार हैं ।
मानवीय गतिविधियां ही अधिक जिम्मेदार हैं । सुनील कुमार महला आग से धरती की उर्वरा शक्ति को भी बड़ा नुक़सान होता है । वास्तव […]
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