झारखण्ड - जिस राज्य की पहचान ही सुरम्य वन और सघन जल संसाधन हुआ करती थी,

झारखण्ड

पंकज चतुर्वेदी जिस राज्य की पहचान ही  सुरम्य वन और सघन जल संसाधन हुआ करती थी, आज गर्मी की शुरुआत में ही बूंद बूंद पानी को […]

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अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने से बस्तर को भले ही कुछ खास भला ना हुआ हो, लेकिन वहां शहरीकरण की गति तो बढ़ी।

तालाब खतम करने से प्यासा है बस्तर

पंकज चतुर्वेदी अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने से बस्तर को भले ही कुछ खास भला ना हुआ हो, लेकिन वहां शहरीकरण की गति तो बढ़ी। पूरे […]

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डॉ. स्वप्निल व्यास -- प्राध्यापक, लेखक एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता, इंदौर 

कार्बन फुटप्रिंट : अनदेखे कदमों से बढ़ता पर्यावरणीय संकट…

डॉ. स्वप्निल व्यास — प्राध्यापक, लेखक एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता, इंदौर   हम जब किसी रास्ते पर चलते हैं तो पीछे अपने पैरों के निशान छोड़ […]

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जलवायु आपदा की सर्वाधिक मार झेलता बाल बचपन: एक नीरव वैश्विक त्रासदी

धीरेन्द्र कुमार त्रिपाही, सहायक संपादक , इंडियाक्लाइमिटचेंज . कॉम  जलवायु परिवर्तन अब दूरगामी भविष्य की कोई काल्पनिक चेतावनी या वैज्ञानिक गोष्ठियों तक सीमित विषय नहीं […]

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कभी दुनिया के सबसे अधिक ऋक्ष वाले राज्य मेघालय में कम बरसात होना चिंता की बात है । इस विषय पर एक लेख प्रस्तुत है

मेघालय में कम बारिश: बादलों के घर पर मँडराता जल संकट और जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती

धीरज चतुर्वेदी ‘मेघालय’ का शाब्दिक और पौराणिक अर्थ है—‘मेघों का आलय’ यानी बादलों का घर। यह भारतीय उपमहाद्वीप का वह मनोरम और भौगोलिक दृष्टि से […]

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हर 12 साल में फूलने वाला नीलकुरंजी 4 साल पहले ही नीलगिरी के पहाड़ों को मोहक बना रहा हैं , परंपरा अनुसार इसे 2030 में खिलना था । स्थानीय समाज इसको ले कर भयभीत है । जलवायु परिवर्तन के अलावा स्थानीय कारण हैं जो प्रकृति चक्र के बदलाव के जिम्मेदार है । यह लेख इसी मसले पर है ।

धुंध में खिला नीला सवाल: चार साल पहले क्यों जागी नीलकुरिंजी

पंकज चतुर्वेदी पश्चिमी घाट की धुंध में लिपटी कुद्रेमुख की पहाड़ियाँ इन दिनों नीले-बैंगनी रंग में रंगी हैं। गंगडिकल्लु, चिट्कलगुड्ड और कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान की […]

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सियांग: नदी को समझे बगैर बांधने की जिद पंकज चतुर्वेदी

सियांग: नदी को समझे बगैर बांधने की जिद

पंकज चतुर्वेदी अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में 30 सितंबर (बुधवार) को जो हुआ, वह एक विधायक के घर में तोड़फोड़ भर की खबर नहीं […]

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जंगलों की आग से जहरीली हो रही हवा

जंगलों की आग से जहरीली हो रही हवा

रोहित कौशिक      औद्योगीकरण और मानवीय गतिविधियों के कारण हवा प्रदूषित होने की खबरें अक्सर प्रकाश में आती रहती हैं लेकिन जंगलों की आग भी […]

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