कश्मीर का सेब: मुनाफे की चमक के पीछे छिपा जानलेवा जहर

पंकज चतुर्वेदी कश्मीर की वादियों में सेब के बागान केवल पेड़ों की कतारें नहीं हैं, बल्कि ये उस अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं जिस पर हजारों […]

Read more
नेपाल में आई त्रासदी के बाद नेपाल सरकार अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से मुआवजा मांग रही है ।

आखिर नेपाल को क्यों न मिले जलवायु परिवर्तन मुआवजा

पंकज चतुर्वेदी नेपाल की धरती पर हाल ही में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख […]

Read more

ग्लेशियरों का पिघलना कई खतरों का संकेत

रोहित कौशिक      इस दौर में मानवीय गतिविधियों और बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ग्लेशियर और बर्फ की चादरें हमारी […]

Read more

हिमालय में विकास की नई परिभाषा: निर्माण के साथ प्रकृति का पुनर्जीवन..

अजय सहाय हिमालय में अब विकास का अर्थ केवल सड़क, पुल, सुरंग, बाँध, जलविद्युत परियोजना, होटल और शहरों का विस्तार नहीं हो सकता। बदलती जलवायु […]

Read more
क्या अब प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने के लिए स्थायी और पूर्णकालिक आपदा प्रबंधन सेवा बनाने का समय आ गया है?

क्या अब प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने के लिए स्थायी और पूर्णकालिक आपदा प्रबंधन सेवा बनाने का समय आ गया है?

अजय सहाय प्रतिनियुक्ति नहीं, समर्पित कैडर; केवल राहत नहीं, विज्ञान और तकनीक आधारित 24×7 सुरक्षा तंत्र बाढ़, भूस्खलन, बादल फटना, हिमनदीय झील विस्फोट, चक्रवात, भूकंप, […]

Read more
जलवायु परिवर्तन के कारण अल नीनों का प्रकोप अधिक हो गया है। हाल ही में एक शोध में इस खतरे को रेखांकित किया गया है । यह लेख इसी मुद्दे पर है ।

जलवायु परिवर्तन के कारण भयावह हो रहा है अल नीनो पंकज चतुर्वेदी जलवायु परिवर्तन ने अल नीनो को पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली बना दिया […]

Read more

स्वच्छ हवा और जलवायु पर समन्वित कार्रवाई से 15 गुना तक आर्थिक लाभ सम्भव

© UNICEF/Tamir Bayarsaikhan मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में वायु प्रदूषण. 2026 जलवायु और पर्यावरण एक नई यूएन समर्थित रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर […]

Read more