विदेशी आक्रामक प्रजातियों से पैदा हो रहे हैं कई खतरे
रोहित कौशिक प्रकृति में जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों का विशेष महत्व है। यह जैवविविधता ही प्रकृति की असली ताकत है। पौधों और जीवों के माध्यम […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
रोहित कौशिक प्रकृति में जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों का विशेष महत्व है। यह जैवविविधता ही प्रकृति की असली ताकत है। पौधों और जीवों के माध्यम […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है। दूध ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पोषण, महिला रोजगार और छोटे किसानों की आय का महत्त्वपूर्ण आधार है। […]
Read moreधीरज चतुर्वेदी भारत में सर्दी अब पहले जैसी स्थिर ऋतु नहीं रह गई है। एक ही मौसम में कहीं घना कोहरा, शीतलहर और पाला पड़ […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं हैं, बल्कि कृषि, पेयजल, बिजली उत्पादन, जैव-विविधता, परिवहन और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार हैं। गंगा, […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी पनीर भारतीय रसोई की उस साख का नाम है, जिस पर करोड़ों घरों का भरोसा टिका है। शाकाहारी परिवारों में जब मांस-मछली से […]
Read more© WMO/Leonor Hernandez अर्जेंटीना के एल कैलाफ़ाते में पेरितो मोरेनो हिमनद. जलवायु और पर्यावरण संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी ने गुरुवार को चेतावनी दी कि दुनिया […]
Read moreरोहित कौशिक 16 सितम्बर, विश्व ओजोन दिवस विकास एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। यही कारण है कि विश्व के ज्यादातर देश किसी न […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी देश के ताप बिजली घरों में एक पुरानी लेकिन लगातार गहराती समस्या फिर सुर्खियों में है — बॉयलर में जितना कोयला झोंका जाता […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी इस साल पूर्वोत्तर भारत में बारिश का हिसाब जितना चौंकाता है, तबाही का मंज़र उससे कहीं ज़्यादा डराता है। भारतीय मौसम विभाग के […]
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