ज्ञान, विज्ञान और मानवता का प्रकाश

16 मई अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस पर विशेष आलेख सुनील कुमार महला हर वर्ष 16 मई को अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस मनाया जाता है। पाठकों को बताता […]

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मिथुन क्या है और अरुणाचल के जंगलों में इसे लेकर तनाव क्यों बढ़ रहा है?

ढोल मिथुनों का शिकार करने लगे हैं क्योंकि उनके आम शिकारों को इंसानों ने खत्म कर दिया है। इन हमलों में मिथुन खोने वाले किसान […]

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हवा में घुला परागकणों का जहर

दिल्ली और आसपास के इलाकों में गर्मी की आहट के साथ ही हवा का मिजाज बदलने लगा है पंकज चतुर्वेदी मई महीने के पहले हफ्ते […]

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हम आदिवासियों के स्वास्थ्य की जड़ें जंगल में हैं​

कर्नाटक के आदिवासियों के लिए स्वास्थ्य और जीवनयापन के मुद्दे, जंगलों से उनके गहरे रिश्ते और विस्थापन के इतिहास में निहित हैं। इसलिए स्वास्थ्य का […]

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अरावली की महानता ऊंचाई से नही-भौगोलिक, संस्कृति और आध्यात्मिकता से आंकी जाए

अरावली का महत्व उसमें पाए जाने वाले खनिज पदार्थ से भी बढ़ जाता है। पदम चंद गांधी अरावली पर्वतमाला दुनिया के प्राचीनतम वलित (फोल्डेड) पर्वत […]

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जैनधर्म की पर्यावरणीय नैतिकता में पारिस्थितिकी स्थिरता और करुणा का सिद्धान्त

‘परस्परोपग्रहो जीवानाम्‘ जो पारिस्थितिकी विज्ञान का यथार्थ है। पदमचन्द गांधी आज सम्पूर्ण विष्व में पर्यावरण, प्रदूषण और चेतना चेतावनी का विषय बन गया है। मनुष्य […]

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जब नदियाँ छोड़ने लगीं ज़हरीली सांस

ग्रीनहाउस गैसों का बढ़ता खतरा अजय सहाय नदियों को सदियों से “शीतलता, जीवन और संतुलन” का प्रतीक माना गया है, क्योंकि पारंपरिक रूप से उनका […]

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एनवीस्टेट्स इंडिया: पर्यावरण सांख्यिकी संबंधी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न, 2026

हितधारकों की क्षमता बढ़ाने और पर्यावरणीय निर्णय प्रक्रिया सुदृढ़ बनाने हेतु संरचित विषयगत ज्ञान संसाधन सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 2018 में संयुक्त राष्ट्र […]

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