सेहत से यह कैसा समझौता : एनालॉग पनीर पर अब निर्णायक रोक क्यों जरूरी है
पंकज चतुर्वेदी पनीर भारतीय रसोई की उस साख का नाम है, जिस पर करोड़ों घरों का भरोसा टिका है। शाकाहारी परिवारों में जब मांस-मछली से […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
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Read moreपंकज चतुर्वेदी इस साल पूर्वोत्तर भारत में बारिश का हिसाब जितना चौंकाता है, तबाही का मंज़र उससे कहीं ज़्यादा डराता है। भारतीय मौसम विभाग के […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी कश्मीर की वादियों में सेब के बागान केवल पेड़ों की कतारें नहीं हैं, बल्कि ये उस अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं जिस पर हजारों […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी नेपाल की धरती पर हाल ही में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख […]
Read moreरोहित कौशिक इस दौर में मानवीय गतिविधियों और बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ग्लेशियर और बर्फ की चादरें हमारी […]
Read more14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के साथ से त्योहारों का मौसम शुरू हो रहा है असल में आने वाले चार महीने पर्व के नाम पर प्रदूषण के […]
Read moreअजय सहाय हिमालय में अब विकास का अर्थ केवल सड़क, पुल, सुरंग, बाँध, जलविद्युत परियोजना, होटल और शहरों का विस्तार नहीं हो सकता। बदलती जलवायु […]
Read moreअजय सहाय प्रतिनियुक्ति नहीं, समर्पित कैडर; केवल राहत नहीं, विज्ञान और तकनीक आधारित 24×7 सुरक्षा तंत्र बाढ़, भूस्खलन, बादल फटना, हिमनदीय झील विस्फोट, चक्रवात, भूकंप, […]
Read moreजलवायु परिवर्तन के कारण भयावह हो रहा है अल नीनो पंकज चतुर्वेदी जलवायु परिवर्तन ने अल नीनो को पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली बना दिया […]
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