पर्वत तो धरती के लिए जल खजाना हैं
धीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी पहाड़ प्रकृति की प्राचीनतम संरचनाओं में से एक हैं, वे दृढ़ और राजसी हैं, वे आकाश के सामने खड़े हैं, इतने बड़े […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
धीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी पहाड़ प्रकृति की प्राचीनतम संरचनाओं में से एक हैं, वे दृढ़ और राजसी हैं, वे आकाश के सामने खड़े हैं, इतने बड़े […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी दिल्ली सरकार ने यमुना किनारे पल्ला से कालिंदी कुंज तक करीब 52 किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट बनाने की योजना को आगे बढ़ाया है। […]
Read moreडॉ. स्वप्निल व्यास पर्यावरणविद, लेखक एवं प्राध्यापक इंदौर तेजी से बढ़ते शहरीकरण, कंक्रीट के फैलते जंगल, घटते हरित क्षेत्र और प्रदूषित होते जलस्रोतों के […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी देश को मणिपुर की चिंता तब ही होती है जब वहाँ से कोई हिंसा की बात हो लेकिन इस राज्य का अस्तित्व और […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी खारास्रोता नदी में मीठे पानी की घटती क्षमता भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। आई आई टी हैदराबाद […]
Read moreधीरज चतुर्वेदी वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए ग्लेशियरों के नए और उन्नत मॉडल दर्शाते हैं कि अल्पकालिक मौसम के उतार-चढ़ाव—विशेषकर अत्यधिक भीषण गर्मी और लू […]
Read moreजैव विविधता का विनाश केवल वन्यजीवों का संकट नहीं है। यह हमारे भोजन, पानी, स्वास्थ्य और जीवन के भविष्य पर मंडराता खतरा है। धीरेंद्र कुमार […]
Read moreरोहित कौशिक जलवायु परिवर्तन का असर न जाने कितने रूपों में हमारे सामने आ रहा है। इस दौर में जिस विकास पर हम गर्व […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी हिमालय की गोद में बसे लेह-लद्दाख के इस विशाल शीत मरुस्थल या हिम-मरु की निर्मल वादियों और पारदर्शी नीले आसमान को दुनिया भर […]
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