बढ़ते पर्यटकों के आंकड़ों से भले ही लेह-लद्दाख मुस्कुरा रहा हो, एलकीं बढ़ती भीड़ से वहाँ के पर्यावरण को हो रहे स्थाई नुकसान ने “धरती के स्वर्ग ” के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है । यह लेख लेह-लद्दाख में उभर रही पर्यावरणीय समस्याओं का अध्ययन है ।

संकट में ‘शांग्री-ला‘: अनियंत्रित पर्यटन और लद्दाख का सुलगता पर्यावरण पंकज चतुर्वेदी लेह प्रशासन बड़े गर्व से बताया रहा है  कि पिछले साल की तुलना […]

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चीन द्वारा तिब्बत में भारत की सीमा के करीब निर्मित सबसे बड़ा बांध – जल विद्युत परियोजना पूरी हो गई है । इससे अरुणाचल प्रदेश सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों की जल धाराओं के किनारे भासे शहरों- बस्तियों पर आशंका के बादल मंडरा रहे हैं । यह लेख इसी मसले पर है। 

पूर्वोत्तर पर  तिब्बत में चीनी बांध का पहरा पंकज चतुर्वेदी तिब्बत के पठार से निकलकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को जीवन देने वाली यारलुंग त्साँगपो […]

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दाल उत्सव , परंपरा, पोषण और खाद्यस्वराज का संगम

राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात के आदिवासी अंचलों में खेती कभी केवल अनाज उगाने की क्रिया नहीं रही। यह जीवन जीने का एक पूरा दर्शन है […]

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मिठास के पीछे का कड़वा सच: मराठवाड़ा के गन्ना मज़दूरों की कहानी

मराठवाड़ा एक सूखा-प्रभावित इलाका है जहां खेती भरोसेमंद नहीं है। सन 1950 के आस-पास अहमदनगर में पहली शुगर फैक्ट्री बनी थी और वहीं से एक […]

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UNEP – तापलहर के वातावरण में ठंडक हासिल करने के नौ नुस्ख़े

24 जून 2026 जलवायु और पर्यावरण तापलहरें लगातार अधिक तेज़ और ख़तरनाक हो रही हैं, जिससे हर वर्ष लाखों लोगों की जान जाती है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण […]

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विश्व वर्षावन दिवस (22 जून): महत्व, उद्देश्य, थीम और संरक्षण के उपाय।

वर्षावनों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 22 जून को विश्व वर्षावन दिवस (वर्ल्ड रेन फोरेस्ट डे) मनाया जाता […]

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चमगादड़ अक्सर डर या अंधविश्वास का विषय रहे हैं, लेकिन वास्तव में ये हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के सबसे महत्वपूर्ण नायकों में से एक हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण चरम  मौसम, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है । यह लेख इस विषय पर हाल के शोध पर आधारित है । 

पारिस्थितिकी के अदृश्य नायक पर जलवायु परिवर्तन का प्रहार पंकज चतुर्वेदी प्रकृति के जटिल ताने-बाने में हर जीव की भूमिका पूर्व-निर्धारित है, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण […]

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बंजर होता बुंदेलखंड

रवीन्द्र व्यास    “भूमि को पुनर्स्थापित करो, अवसरों को खोलो” के थीम के साथ मनाए जा रहे विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस ने बुंदेलखंड […]

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