हिमालय पर्वत की गोद में बीएसई आठ राज्यों में ग्लेशियर के पिघलने- झीलें बनने ने चुनोटी खड़ी कर दी है ।

नेपाल में ग्लेशियर झील फटने से हुई तबाही ने भारत को सतर्क आकर दिया है । हिमालय पर्वत की गोद में बीएसई आठ राज्यों में ग्लेशियर के पिघलने- झीलें बनने ने चुनोटी खड़ी कर दी है । ऐसे में जरूरी है की हमारे देश में ग्लेशियर विकास प्राधिकरण की तरह कोई संस्था गठित हो, जो ग्लेशियर के खतरों को ले कर काम कर रही अलग अलग बहुत सी संसतहों के आँकड़े, आकलन यदि को एकीकृत रूप से निदान के साथ पेश कर सके । यह लेख इसी मुद्दे पर है । 

पंकज चतुर्वेदी पिछले कुछ वर्षों में जब भी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश या नेपाल के किसी दूरदराज गांव से अचानक आई बाढ़ की खबर आती है, […]

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“प्रकृति की सीमा तोड़ता विकास: मंदाकिनी–शिप्रा का जलप्रलय हमें क्या सिखा रहा है?”

अजय सहाय चित्रकूट की मंदाकिनी नदी का अगस्त 2026 में अचानक विकराल हो जाना केवल एक स्थानीय बाढ़ की घटना मानकर भुला देना बड़ी भूल […]

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हिमालय का अलार्म: 100 मिमी बारिश और 100 किमी तक मलबे का सफर—क्या हमारी हिमालयी आपदा नीति तैयार है?

अजय सहाय हिमालयी राज्यों में आपदा-प्रबंधन की नीति को अब केवल यह देखकर नहीं बनाया जा सकता कि किसी नदी में सामान्य दिनों में कितना […]

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चित्रकूटः मंदाकिनी का रौद्र रूप, तपोभूमि के किनारे डूब गए हमारे सपने

मुकुंद/अभिमन्यु, चित्रकूट आपदा अध्ययन केंद्र #चित्रकूट के रामघाट पर आज सन्नाटा है। वह सन्नाटा जो आरती की भीड़, मंत्रों की गूंज और भक्तों के चरणों […]

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प्राकृतिक आपदाओं की आवाज सुनिए

रोहित कौशिक      हाल ही में नेपाल में आई बाढ़ ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यावरण से जुड़े इन सवालों पर यदि गंभीरता […]

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हिमालयी सुरंगों के लिए “स्मार्ट टनल लाइफ-सेफ्टी सिस्टम” की जरूरत..

अजय सहाय हिमालयी क्षेत्रों में बार-बार ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं कि सुरंग में अचानक पानी घुस गया, मलबा भर गया, सुरंग का हिस्सा धँस […]

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हालांकि इस बार अल नीनो के कारण भारत में बरसात का पेटर्न अनियमित है , बहुत से हिस्सों में बरसात कम हुई लेकिन जहँ भी बरसात हुई वहाँ बाढ़ ने जनजीवन को प्रभावित  किया । यह लेख बाढ़ के बढ़ते दायरे, उसके कारण आदि पर हैं । 

विशेष संपादकीय लेख | जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएं      पंकज चतुर्वेदी बाढ़ का बढ़ता दायरा: कारण, विभीषिका और बचाव के उपाय: इस बार भले ही […]

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हिमालयी आपदा राहत केंद्र : “समय कम है—जीवन बचाना सर्वोच्च लक्ष्य”

अजय सहाय हिमालय युवा वलित पर्वत प्रणाली है। तीखी ढाल, भूकंपीय सक्रियता, कमजोर एवं दरारयुक्त चट्टानें, हिमनद, हिमनदीय झीलें, अत्यधिक वर्षा, बादल फटना, भूस्खलन और […]

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