ग्लेशियर मॉडल में मौसम की चरम स्थितियों को शामिल करने से सामने आई चेतावनी: तेजी से पिघल रही है बर्फ, और खतरनाक गति से बढ़ रहा है समुद्र का जलस्तर

धीरज चतुर्वेदी वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए ग्लेशियरों के नए और उन्नत मॉडल दर्शाते हैं कि अल्पकालिक मौसम के उतार-चढ़ाव—विशेषकर अत्यधिक भीषण गर्मी और लू […]

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जैव विविधता का विनाश केवल वन्यजीवों का संकट नहीं है। यह हमारे भोजन, पानी, स्वास्थ्य और जीवन के भविष्य पर मंडराता खतरा है।

पृथ्वी पर छठे महाविलुप्ति संकट की आहट: मानवता के लिए कितना बड़ा खतरा?

जैव विविधता का विनाश केवल वन्यजीवों का संकट नहीं है। यह हमारे भोजन, पानी, स्वास्थ्य और जीवन के भविष्य पर मंडराता खतरा है। धीरेंद्र कुमार […]

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सुरम्य- साल के अधिकांश महीने बर्फ से ढंके लेह इन दिनों देश का दूसरा सर्वाधिक प्रदूषित शहर हो गया है । पहले स्थान पर ग्रेटर नोएडा है जो कि औद्योगिक कारणों से हैं लेकिन लेह बढ़ते पर्यटक और ओज़ोन के कारण जहरीला हो रहा है । पर्यटन से भले स्थानीय लोगों की ये बढ़ रही है लेकिन यह वहाँ जीवन का संकट उपजा रहा है । यह लेख इसी विषय पर है

हिम-मरु  में साँसों का संकट

पंकज चतुर्वेदी हिमालय की गोद में बसे लेह-लद्दाख के इस विशाल शीत मरुस्थल या हिम-मरु  की निर्मल वादियों और पारदर्शी नीले आसमान को दुनिया भर […]

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झारखण्ड - जिस राज्य की पहचान ही सुरम्य वन और सघन जल संसाधन हुआ करती थी,

झारखण्ड

पंकज चतुर्वेदी जिस राज्य की पहचान ही  सुरम्य वन और सघन जल संसाधन हुआ करती थी, आज गर्मी की शुरुआत में ही बूंद बूंद पानी को […]

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अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने से बस्तर को भले ही कुछ खास भला ना हुआ हो, लेकिन वहां शहरीकरण की गति तो बढ़ी।

तालाब खतम करने से प्यासा है बस्तर

पंकज चतुर्वेदी अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने से बस्तर को भले ही कुछ खास भला ना हुआ हो, लेकिन वहां शहरीकरण की गति तो बढ़ी। पूरे […]

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डॉ. स्वप्निल व्यास -- प्राध्यापक, लेखक एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता, इंदौर 

कार्बन फुटप्रिंट : अनदेखे कदमों से बढ़ता पर्यावरणीय संकट…

डॉ. स्वप्निल व्यास — प्राध्यापक, लेखक एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता, इंदौर   हम जब किसी रास्ते पर चलते हैं तो पीछे अपने पैरों के निशान छोड़ […]

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जलवायु आपदा की सर्वाधिक मार झेलता बाल बचपन: एक नीरव वैश्विक त्रासदी

धीरेन्द्र कुमार त्रिपाही, सहायक संपादक , इंडियाक्लाइमिटचेंज . कॉम  जलवायु परिवर्तन अब दूरगामी भविष्य की कोई काल्पनिक चेतावनी या वैज्ञानिक गोष्ठियों तक सीमित विषय नहीं […]

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