समाज को उजाड़ कर बस ना पाएगी लोकतक झील
पंकज चतुर्वेदी देश को मणिपुर की चिंता तब ही होती है जब वहाँ से कोई हिंसा की बात हो लेकिन इस राज्य का अस्तित्व और […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
पंकज चतुर्वेदी देश को मणिपुर की चिंता तब ही होती है जब वहाँ से कोई हिंसा की बात हो लेकिन इस राज्य का अस्तित्व और […]
Read moreरोहित कौशिक जलवायु परिवर्तन का असर न जाने कितने रूपों में हमारे सामने आ रहा है। इस दौर में जिस विकास पर हम गर्व […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी हिमालय की गोद में बसे लेह-लद्दाख के इस विशाल शीत मरुस्थल या हिम-मरु की निर्मल वादियों और पारदर्शी नीले आसमान को दुनिया भर […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी जिस राज्य की पहचान ही सुरम्य वन और सघन जल संसाधन हुआ करती थी, आज गर्मी की शुरुआत में ही बूंद बूंद पानी को […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने से बस्तर को भले ही कुछ खास भला ना हुआ हो, लेकिन वहां शहरीकरण की गति तो बढ़ी। पूरे […]
Read moreडॉ. स्वप्निल व्यास — प्राध्यापक, लेखक एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता, इंदौर हम जब किसी रास्ते पर चलते हैं तो पीछे अपने पैरों के निशान छोड़ […]
Read moreधीरेन्द्र कुमार त्रिपाही, सहायक संपादक , इंडियाक्लाइमिटचेंज . कॉम जलवायु परिवर्तन अब दूरगामी भविष्य की कोई काल्पनिक चेतावनी या वैज्ञानिक गोष्ठियों तक सीमित विषय नहीं […]
Read moreधीरज चतुर्वेदी ‘मेघालय’ का शाब्दिक और पौराणिक अर्थ है—‘मेघों का आलय’ यानी बादलों का घर। यह भारतीय उपमहाद्वीप का वह मनोरम और भौगोलिक दृष्टि से […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी पश्चिमी घाट की धुंध में लिपटी कुद्रेमुख की पहाड़ियाँ इन दिनों नीले-बैंगनी रंग में रंगी हैं। गंगडिकल्लु, चिट्कलगुड्ड और कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान की […]
Read more