झूम खेती के संकट से निकलने का रास्ता कैसे खोज रहे हैं मणिपुर के किसान?

बढ़ती आबादी, भूमि पर बढ़ते दबाव और बदलते पर्यावरण के बीच मणिपुर के किसानों के लिए झूम खेती अब पहले जितनी प्रभावी नहीं रही है। […]

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धरती तप रही है : बढ़ती गर्मी और मानव जीवन पर मंडराता खतरा।

सुनील कुमार महला  आज धरती का तापमान लगातार बढ़ता ही चला जा रहा है। वास्तव में, कहना ग़लत नहीं होगा कि वैश्विक तापमान में लगातार […]

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हरित भविष्य की राह: प्रकृति संरक्षण का संकल्प।(28 जुलाई विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर विशेष आलेख)

प्रतिवर्ष 28 जुलाई को जैव विविधता के संरक्षण, विभिन्न प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित किए जाने,पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों […]

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पिछले दिनों  गुजरात के नवसारी सहित कई शहरों में अचानक इतनी बरसात हुई कि शहर दरिया बन गए , जिस देश में अल नीनो असर के कारण कम बरसात की संभावना थी, वहाँ दस हजार किलोमीटर के बादल डेरा डाले हैं ।  पैसिफिक डिकेडल ऑसीलेशन किस तरह मानसून को भयावह बना रहा है , यह लेख इसी वैज्ञानिक मसले पर है।

महा-बादलों की ज़द में भारत: गुजरात जल-प्रलय से देश के ख़तरे की घंटी पंकज चतुर्वेदी प्रशांत महासागर की अगाध गहराइयों में घटने वाली समुद्री तापीय […]

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अभी एक हफ्ते भी बरसात हुई नहीं और मीडिया ने इसे विध्वंश करने वाला, तबाही लाने वाला जैसे शब्दों से नवाज दिया । असल मने हमारी सोच मानसून को ले कर व्यापक होन चाहिए । यह लेख इसी विषय पर है ।

मानसून को खलनायक न बनाएं पंकज चतुर्वेदी सुपर अल नीनो के चलते जो देश अभी एक हफ्ते पहले तक  सूखे, कमजोर अर्थ व्यवस्था, संभावित बिजली संकट […]

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अगली औद्योगिक क्रान्ति की धुरी है ‘स्वच्छ ऊर्जा’: यूएन जलवायु प्रमुख

© UN India/Blassy Boben संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ़्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के कार्यकारी सचिव साइमन स्टील, नई दिल्ली में एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए. […]

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पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से गाड़ी खराब होने, बंद होने के समाचार आ रहे हैं । इसका वैज्ञानिक तथ्य क्या है। दुनिया के और किन्ही देशों में ऐसा होता है । भारत में इसकी असफलता का कारण क्या है । इस पर केंद्रित लेख प्रस्तुत है

पेट्रोल की टंकी में घुलता नया संकट और आम आदमी की जेब का विज्ञान पंकज चतुर्वेदी पिछले कुछ महीनों से सुबह-सुबह पेट्रोल पंपों पर और […]

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केंद्रीय भूजल बोर्ड की हालिया रिपोर्ट बताती है कि किसी तरह देश में भूजल के जहरीले होने का दायरा  बढ़त  जा रहा है  । यह लेख इसी विषय की व्याख्या गम्भीरत से करता हैं । 

पंकज चतुर्वेदी भूजल का गहराता संकट और अस्तित्व की चुनौती आधुनिकता की अंधी दौड़ और अनियोजित विकास के बीच देश के एक बड़े हिस्से से आ […]

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