जलवायु पत्रिका का जैव विविधता विशेषांक का pdf प्रस्तुत है.
जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन का आधार है। वनस्पतियों, वन्यजीवों, पक्षियों, जलीय जीवों और सूक्ष्म जीवों की विविधता प्रकृति के संतुलन एवं पारिस्थितिकी तंत्र को […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन का आधार है। वनस्पतियों, वन्यजीवों, पक्षियों, जलीय जीवों और सूक्ष्म जीवों की विविधता प्रकृति के संतुलन एवं पारिस्थितिकी तंत्र को […]
Read more© UNDP/TCAP समुद्री जलस्तर में वृद्धि की वजह से तुवालु समेत अन्य देशों पर अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है. 29 अक्टूबर 2026जलवायु और […]
Read moreधीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी पहाड़ प्रकृति की प्राचीनतम संरचनाओं में से एक हैं, वे दृढ़ और राजसी हैं, वे आकाश के सामने खड़े हैं, इतने बड़े […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी जलवायु परिवर्तन और प्रशांत महासागर में अल नीनो की सक्रियता के कारण इस बार मानसून के दौरान बारिश का वितरण अत्यंत असमान रहा […]
Read moreरोहित कौशिक यह दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि दिल्ली और एनसीआर की वायु गुणवत्ता एक बार फिर खराब श्रेणी में पहुंच गई है। हर साल […]
Read moreअक्तूबर का महीना आते ही नगालैंड के वोखा जिले का पांगती गांव आसमान की ओर देखने लगता है। हजारों किलोमीटर की थका देने वाली उड़ान […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी दिल्ली सरकार ने यमुना किनारे पल्ला से कालिंदी कुंज तक करीब 52 किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट बनाने की योजना को आगे बढ़ाया है। […]
Read moreडॉ. स्वप्निल व्यास पर्यावरणविद, लेखक एवं प्राध्यापक इंदौर तेजी से बढ़ते शहरीकरण, कंक्रीट के फैलते जंगल, घटते हरित क्षेत्र और प्रदूषित होते जलस्रोतों के […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी देश को मणिपुर की चिंता तब ही होती है जब वहाँ से कोई हिंसा की बात हो लेकिन इस राज्य का अस्तित्व और […]
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