Category: पहाड़

यदि धरती माँ है तो पहाड़ पिता !

यदि धरती माँ है तो पहाड़ पिता !

जिसमें पर्व है , वही पर्वत है – राहुल सांकृत्यायन पंकज चतुर्वेदी अरावली पर अदालत ने भी चिंता की और समाज ने भी, शायद इस […]

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सतत विकास: समृद्धि और संरक्षण का साझा मार्ग !

सतत विकास: समृद्धि और संरक्षण का साझा मार्ग !

अरावली को केवल पहाड़ियों की एक भौगोलिक श्रृंखला मानना भूल होगी सुनील कुमार महला अरावली पहाड़ियों की जिस परिभाषा को पहले माननीय सुप्रीम कोर्ट ने […]

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अरावली बनाम तथाकथित विकास: प्रकृति के शोषण की कीमत

अरावली बनाम तथाकथित विकास: प्रकृति के शोषण की कीमत

जलवायु और वर्षा संतुलन,भूमि क्षरण और बाढ़ नियंत्रण,वायु प्रदूषण से सुरक्षा के साथ ही अरावली कृषि और मानव जीवन का भी प्रमुख आधार सुनील कुमार […]

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अरावली में नए खनन पट्टे देना तथा खनन चालू

अरावली में नए खनन पट्टे देना तथा खनन चालू

नई परिभाषा ने तो अरावली की जमीन को ही हड़पने का षड्यंत्र किया है। जलपुरुष राजेन्द्र सिंह उच्चतम न्यायालय से भारत सरकार को नए खनन […]

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अरावली मां के स्तन काटकर बेचने वाले अपराधी हैं

अरावली मां के स्तन काटकर बेचने वाले अपराधी हैं

मां तो हमारा पोषण करती है, हमें जीवन विद्या देकर जीने योग्य बनाती है। लालची बनकर माई से कमाई करने वालों को छोड़कर, अरावली बचाने […]

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अरावली पर्वतमाला: अन्तरात्मा है, इन्हें मीटरों में मत नापो

अरावली पर्वतमाला: अन्तरात्मा है, इन्हें मीटरों में मत नापो

अरावली पर्वतमाला, जो विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है, पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी के रूप में सदियों से […]

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हमें जन्म देने वाली स्त्री और नदियों को जन्म देने वाली अरावली—पर्वतमाला हमारी माँ है।

हमें जन्म देने वाली स्त्री और नदियों को जन्म देने वाली अरावली—पर्वतमाला हमारी माँ है।

खनन अरावली की प्रकृति और संस्कृति—दोनों के विरुद्ध है। जलपुरुष राजेंद्र सिंह अरावली के गर्भ से सैकड़ों नदियों का जन्म हुआ है, जो खनन एवं […]

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अरावली की खेती

अरावली की खेती

बेहिसाब रासायनिक खाद जमीन में डालने से जमीन बंजर बन रही जलपुरुष राजेंद्र सिंह क्या वाकई हम इतने अधिक हो गये कि पेट भरने के […]

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