अजय सहाय हिमालयी क्षेत्रों में बार-बार ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं कि सुरंग में अचानक पानी घुस गया, मलबा भर गया, सुरंग का हिस्सा धँस […]
Read moreCategory: पहाड़
उत्तराखंड का हिमालय…
अजय सहाय उत्तराखंड का हिमालय आज जलवायु परिवर्तन, पीछे हटते हिमनदों, बढ़ती हिमनदीय झीलों, अत्यधिक वर्षा, बादल फटने, भूस्खलन और मलबा-प्रवाह जैसे कई खतरों का […]
Read moreउत्तराखंड के चमोली जिले में विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल (TRT) में 13 अगस्त 2026 की शाम को अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा घुस आया, जिससे दर्जनों मजदूर फंस गए और कई की मौत हो गई। हिमालय क्षेत्र में विकास के नाम अपर सुरंगे खोदने से लगातार आब्दि दुर्घताने हो रही हैं । आई आई टी, इसरो आदि के शोध चेतावनी दे रहे हैं कि हिमालय को खड़ना खतरे से खाली नहीं । इसके बावजूद ऐसे निर्माण हो रहे हैं । यह लेख इसी मुद्दे पर है
हिमालय की छाती चीरती सुरंगे और मौत का बढ़ता साया पंकज चतुर्वेदी लगता है हम अतीत के अनुभवों से कुछ सीखने को तैयार नहीं हैं, […]
Read moreअब दिखने लगा पर्यावरण पर बढ़ते तापमान का असर
रोहित कौशिक वैज्ञानिक कई वर्षों से यह चेतावनी दे रहे थे कि भविष्य में बढ़ते तापमान के कारण कई तरह के पर्यावरणीय बदलाव होंगे। […]
Read moreअरावली की महानता ऊंचाई से नही-भौगोलिक, संस्कृति और आध्यात्मिकता से आंकी जाए
अरावली का महत्व उसमें पाए जाने वाले खनिज पदार्थ से भी बढ़ जाता है। पदम चंद गांधी अरावली पर्वतमाला दुनिया के प्राचीनतम वलित (फोल्डेड) पर्वत […]
Read moreयदि धरती माँ है तो पहाड़ पिता !
जिसमें पर्व है , वही पर्वत है – राहुल सांकृत्यायन पंकज चतुर्वेदी अरावली पर अदालत ने भी चिंता की और समाज ने भी, शायद इस […]
Read moreसतत विकास: समृद्धि और संरक्षण का साझा मार्ग !
अरावली को केवल पहाड़ियों की एक भौगोलिक श्रृंखला मानना भूल होगी सुनील कुमार महला अरावली पहाड़ियों की जिस परिभाषा को पहले माननीय सुप्रीम कोर्ट ने […]
Read moreअरावली बनाम तथाकथित विकास: प्रकृति के शोषण की कीमत
जलवायु और वर्षा संतुलन,भूमि क्षरण और बाढ़ नियंत्रण,वायु प्रदूषण से सुरक्षा के साथ ही अरावली कृषि और मानव जीवन का भी प्रमुख आधार सुनील कुमार […]
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