वह अपने जीवनकाल में कम-से-कम एक पेड़ अवश्य लगाएगा और उसका पालन-पोषण करेगा, तो कुछ ही वर्षों में यह पूरी भारत भूमि पुनः हरी-भरी और समृद्ध हो सकती है।
Read moreCategory: Agriculture and Land (खेती और ज़मीन)
लोक कवि घाघः घाघ कहें सुन भड्डरी लोगों के कंठ में आज भी जिंदा हैं
लोक कवि घाघ आज भी लोगों के कंठ में जिंदा हैं। आज भी लोग घाघ की कहावतें बात बात में सुनाते और समझाते हैं। घाघ लोक ज्योतिषी थे
Read moreमौसम पूर्वानुमान में अल-नीनो की भूमिका
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक सन 1953 से 2023 के बीच कुल 22 ला नीना साल दर्ज किए गए हैं, जिसमें से सिर्फ दो बार यानी साल 1974 और 2000 के मॉनसून सीजन में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि बाकी सालों के मॉनसून में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
Read moreअधर में लटका जेनेटिक सरसों का मसला
अनुमान है कि अगले साल 2025 -26 में यह मांग 34 मिलियन टन तक पहुँच जाएगी । हमारे खाद्य तेल के बाजार में सरसों के तेल की भागीदारी कोई 40 फीसदी है
Read moreजलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक खेती
जलवायु परिवर्तन पर कृषि वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अगर हम इसी तरह से खेती-बाड़ी करते रहें तो दुनिया में केवल 60 वर्षों तक ही खेती की जा सकती है। ऐसी स्थिति में कृषि को भविष्य के लिए संजोने रखने हेतू प्राकृतिक खेती ही सबसे उत्तम विकल्प है।
Read moreभूमि कटाव से संकट में असम का अस्तित्व : पंकज चतुर्वेदी
जलवायु परिवर्तन के कारण असम में भू कटाव तेज हो गया है, अभी वहाँ बरसात के पंद्रह दिन हुए है और बाढ़ से कहीं अधिक, अपने घर-गाँव नदी में समा जाने के कारण विस्थापन हुआ है । खतरा इतना गंभीर है कि राज्य के बड़े हिस्से के अस्तित्व पर खतरा है ।
Read moreकीटनाशकों का नया विकल्प है सौर ऊर्जा
इस साधारण सी तकनीक का गाँव तक पहुंचने के रास्ते में बस एक ही व्यवधान है – ताकतवर अंतर्राष्ट्रीय कीटनाशक लाबी, जिसका अरबों का उत्पाद यह बगैर खर्च का उपकरण एक झटके में बिकने से रोक सकता है ।
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