Category: Agriculture and Land (खेती और ज़मीन)

अरावली का पुनः नया संकट - प्रकृति और संस्कृति का विध्वंस है।

अरावली का पुनः नया संकट – प्रकृति और संस्कृति का विध्वंस है।

अरावली को बचाने वालों से आज तक कभी भी कोई रिपोर्ट तैयार करने वाला नहीं मिला। जलपुरुष राजेन्द्र सिंह जी अरावली क्षेत्र में 1980 के […]

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बांस में बीज आने से मिजोरम में अकाल की आहट

बांस में बीज आने से मिजोरम में अकाल की आहट

जब बांस फूलता है, तो मृत्यु और विनाश उसके पीछे-पीछे आता है। पंकज चतुर्वेदी सीमापार म्यांमार से आ गए  पचास हज़ार से अधिक शरणार्थियों के […]

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अन्न ब्रह्म है अन्न की बर्बादी, एक नैतिक अपराध।

अन्न ब्रह्म है

अन्न की बर्बादी, एक नैतिक अपराध। सुनील कुमार महला अन्न हमारे जीवन का आधार है। यह न केवल शरीर को ऊर्जा देता है, बल्कि जीवन […]

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हिमाचल में भूमि बंदोबस्त परंपरा से तकनीक तक की यात्रा

हिमाचल में भूमि बंदोबस्त

परंपरा से तकनीक तक की यात्रा विजय ठाकुर हिमाचल प्रदेश की पहचान जितनी उसकी वादियों, नदियों और पहाड़ों से है, उतनी ही उसकी ज़मीन से […]

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प्रकृति की ओर वापसी जब एक युवा ने थामी प्राकृतिक खेती की डोर

प्रकृति की ओर वापसी

जब एक युवा ने थामी प्राकृतिक खेती की डोर रोहित पराशर शहरों की चकाचौंध और भागदौड़ भरी जिंदगी को छोड़कर, कोई युवा अपने गाँव की […]

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खेती और ज़मीन, पहाड़ और खनन

खेती और ज़मीन, पहाड़ और खनन

भारत की पहचान उसके खेत और पहाड़ कपिल मेवाड़ा भारत की पहचान उसके खेत और पहाड़ हैं। खेती हमारी खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की […]

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जंगलों के खत्म हो जाने के चलते कोपौ ऑर्किड अब संरक्षण का प्रयास कर रहे लोगों द्वारा बनाए गए इकोसिस्टम में उगाए जा रहे हैं। | चित्र साभार: नम्रता गोहैन

एक फूल बचाने के लिए जंगल उगाने की कोशिश

फॉक्सटेल ऑर्किड मिथु गोगोई मैं एक किसान और पर्यावरण संरक्षक हूं और असम के जोरहाट जिले के एक छोटे से कस्बे तीताबोर में रहता हूं। […]

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वृक्षारोपण और संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण – अमरेली जिले का "नाना माचियाला" गांव

वृक्षारोपण और संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण

अमरेली जिले का “नाना माचियाला” गांव अभिषेक गोंडलिया हरित और स्वच्छ वातावरण के लिए ग्रामीणों का भगीरथ प्रयास सौराष्ट्र क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए […]

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