Category: Water (जल)

अभी एक हफ्ते भी बरसात हुई नहीं और मीडिया ने इसे विध्वंश करने वाला, तबाही लाने वाला जैसे शब्दों से नवाज दिया । असल मने हमारी सोच मानसून को ले कर व्यापक होन चाहिए । यह लेख इसी विषय पर है ।

मानसून को खलनायक न बनाएं पंकज चतुर्वेदी सुपर अल नीनो के चलते जो देश अभी एक हफ्ते पहले तक  सूखे, कमजोर अर्थ व्यवस्था, संभावित बिजली संकट […]

Read more

केंद्रीय भूजल बोर्ड की हालिया रिपोर्ट बताती है कि किसी तरह देश में भूजल के जहरीले होने का दायरा  बढ़त  जा रहा है  । यह लेख इसी विषय की व्याख्या गम्भीरत से करता हैं । 

पंकज चतुर्वेदी भूजल का गहराता संकट और अस्तित्व की चुनौती आधुनिकता की अंधी दौड़ और अनियोजित विकास के बीच देश के एक बड़े हिस्से से आ […]

Read more

संघर्ष से समाधान तक: संगठन और प्रशासन ने मिलकर बदली गांवों की तस्वीर

यह लेख मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के बाजना क्षेत्र में वर्ष 2026 की भीषण गर्मी के दौरान उत्पन्न पेयजल संकट तथा उसके समाधान की प्रेरणादायक कहानी प्रस्तुत […]

Read more

केरल में स्वास्थ्य विभाग शिगेला  संक्रमण के प्रकोप से अलर्ट पर है। दूषित भोजन और पानी से फैलने वाले इस बैक्टीरियल संक्रमण के कारण राज्य में 6  लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इस साल अब तक 146 मामले सामने आ चुके हैं। इस संक्रमण ने केरल के स्वास्थ्य सूचकांक जैसे दावों की पोल खोल कर रख दी है । यह लेख इसी विषय पर है। 

स्वास्थ्य सूचकांकों में अव्वल केरल में शिगेला के बहाने सामने आई जल प्रबंधन की लाचारी पंकज चतुर्वेदी केरल में गंदे पानी से फैलने वाले शिगेला […]

Read more

डिजिटल भारत की बुनियाद में सूखते जलस्रोत

अमेरिका के जॉर्जिया राज्य की न्यूटन काउंटी और उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के पास स्थित तुसियाना नाम का गांव  इन दोनों के बीच भाषा, संस्कृति और […]

Read more

बढ़ते पर्यटकों के आंकड़ों से भले ही लेह-लद्दाख मुस्कुरा रहा हो, एलकीं बढ़ती भीड़ से वहाँ के पर्यावरण को हो रहे स्थाई नुकसान ने “धरती के स्वर्ग ” के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है । यह लेख लेह-लद्दाख में उभर रही पर्यावरणीय समस्याओं का अध्ययन है ।

संकट में ‘शांग्री-ला‘: अनियंत्रित पर्यटन और लद्दाख का सुलगता पर्यावरण पंकज चतुर्वेदी लेह प्रशासन बड़े गर्व से बताया रहा है  कि पिछले साल की तुलना […]

Read more

चीन द्वारा तिब्बत में भारत की सीमा के करीब निर्मित सबसे बड़ा बांध – जल विद्युत परियोजना पूरी हो गई है । इससे अरुणाचल प्रदेश सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों की जल धाराओं के किनारे भासे शहरों- बस्तियों पर आशंका के बादल मंडरा रहे हैं । यह लेख इसी मसले पर है। 

पूर्वोत्तर पर  तिब्बत में चीनी बांध का पहरा पंकज चतुर्वेदी तिब्बत के पठार से निकलकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को जीवन देने वाली यारलुंग त्साँगपो […]

Read more

मिठास के पीछे का कड़वा सच: मराठवाड़ा के गन्ना मज़दूरों की कहानी

मराठवाड़ा एक सूखा-प्रभावित इलाका है जहां खेती भरोसेमंद नहीं है। सन 1950 के आस-पास अहमदनगर में पहली शुगर फैक्ट्री बनी थी और वहीं से एक […]

Read more