विकास परसराम मेश्राम जल जीवन का मूलभूत तत्व है। यह पृथ्वी पर सभी जीवों के लिए अनिवार्य है। हालांकि, बढ़ती जनसंख्या और अनियंत्रित विकास के […]
Read moreCategory: Water (जल)
राजधानी बनते ही ताल तलैया चाट गया रायपुर
पंकज चतुर्वेदी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस बार अप्रेल का मौसम इतना गर्म नहीं था लेकिन पानी की किल्लत चरम पर रही . यदि […]
Read moreबाढ़ खलनायक नहीं होती !
पंकज चतुर्वेदी साल के दस महीने लाख मिन्नतों के बाद जब आसमान से जीवनदाई बरसात का आशीष मिलता है तो भारत का बड़ा हिस्सा इससे […]
Read moreगुरूग्राम क्यों बन जाता है जल-ग्राम ?
पंकज चतुर्वेदी बीते तीन साल में सौ करोड़ खर्च हो गए लेकिन हर बारिश की फुहार के साथ दुनिया में मशहूर औधयोगिक शहर गुरुग्राम के […]
Read moreजलवायु परिवर्तन और जल संकट पर प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण ही एकमात्र समाधान
विकास परसराम मेश्राम जल संकट केवल हमारे देश की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आज दुनिया की 26 […]
Read moreबाढ़, फैलाव और अविरलता से ही निर्मल होगी दिल्ली में यमुना
पंकज चतुर्वेदी सावन बीत गया , भादों भी आधा निकल गया दिल्ली और उसके आसपास यमुना नदी के जल-ग्रहण क्षेत्र कहलाने वाले इलाकों में पर्याप्त […]
Read moreबारिश में जरूरी हैं जल संरक्षण के प्रयास
बारिश में बड़ी मात्रा में जल बेकार बह जाता है। इस बारिश में हम जल संरक्षण के माध्यम से बारिश के पानी का सदुपयोग कर सकते हैं।
Read moreपानी की किल्लत से कराह रही दिल्ली
दिल्ली को सालाना ही पीने के पानी की किल्लत से दो – चार होना पड़ता है। पीने के पानी के लिए पानी के टेंकर पर लंबी – लंबी लाइन लगानी पड़ती हैं।
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