24 जून 2026 जलवायु और पर्यावरण तापलहरें लगातार अधिक तेज़ और ख़तरनाक हो रही हैं, जिससे हर वर्ष लाखों लोगों की जान जाती है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण […]
Read moreCategory: Climate Change (जलवायु परिवर्तन)
आईआईटी धनबाद (आईआईटी-आईएसएम) के पर्यावरण विज्ञान इंजीनियरिंग विभाग के एक नवीनतम और व्यापक शोध ने इस कड़वी हकीकत को वैज्ञानिक प्रामाणिकता के साथ देश के सामने रखा है। इस अध्ययन के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि पिछले 50 वर्षों के भीतर गंगा नदी बेसिन की करीब 18 लाख छोटी जलधाराएं (स्ट्रीम्स) पूरी तरह से विलीन हो चुकी हैं। यह लेख इस भयावह स्थति से गंगा को उबारने के सुझाव पर हैं ।
गंगा की सूखती असंख्य धाराएं पंकज चतुर्वेदी भारतीय उपमहाद्वीप के भू-पारिस्थितिकी और जनजीवन की नियंता रही गंगा नदी का अस्तित्व आज एक अभूतपूर्व और अदृश्य […]
Read moreहवामान परीवर्तन और कृषि संकट के जलती आग में झुलसती खेती
यह लेख लिखते समय मैं बेहद व्याकुल और बेचैन था। “हवामान परिवर्तन की आग में झुलसती खेती” विषय पर लिखते हुए अचानक मेरी माँ का […]
Read moreप्रशांत की तपिश और मानसून की परीक्षा: सुपर अल-नीनो की चुनौती
पंकज चतुर्वेदी सुपर अल-नीनो जैसी गंभीर जलवायु घटना का खतरा हमारे देश के सर पर खड़ा है । प्राकृतिक आपदा से जूझने के लिए देश […]
Read moreहवा में घुला परागकणों का जहर
दिल्ली और आसपास के इलाकों में गर्मी की आहट के साथ ही हवा का मिजाज बदलने लगा है पंकज चतुर्वेदी मई महीने के पहले हफ्ते […]
Read moreहम आदिवासियों के स्वास्थ्य की जड़ें जंगल में हैं
कर्नाटक के आदिवासियों के लिए स्वास्थ्य और जीवनयापन के मुद्दे, जंगलों से उनके गहरे रिश्ते और विस्थापन के इतिहास में निहित हैं। इसलिए स्वास्थ्य का […]
Read moreएनवीस्टेट्स इंडिया: पर्यावरण सांख्यिकी संबंधी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न, 2026
हितधारकों की क्षमता बढ़ाने और पर्यावरणीय निर्णय प्रक्रिया सुदृढ़ बनाने हेतु संरचित विषयगत ज्ञान संसाधन सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 2018 में संयुक्त राष्ट्र […]
Read moreहीट डोम का कहर
क्या विकास के नाम पर हमने प्रकृति से खिलवाड़ किया अजय सहाय हीट डोम (Heat Dome) आज दुनिया के सबसे खतरनाक जलवायु संकटों में से […]
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