Category: Rivers and Lakes (नदियाँ और झीलें)

10 वर्षों में असमान रही जुलाई की शुरुआती वर्षा

10 वर्षों में असमान रही जुलाई की शुरुआती वर्षा

वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन मानते हैं इसकी बड़ी वजह, इस वर्ष 12 दिनों में रिकॉर्ड की गई 180 मिमी बारिश पिछले 10 वर्षों में जुलाई की […]

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नदी बचाओ, जीवन बचाओ: भारत की नदियों का भविष्य

नदी बचाओ, जीवन बचाओ

भारत की नदियों का भविष्य अजय सहाय नदी बचाओ, जीवन बचाओ: भारत की नदियों का भविष्य विषय पर जब हम बात करते हैं तो यह […]

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छोटी-छोटी आदतें, बड़ी जल क्रांति: भारत में जल बचत का वैज्ञानिक मॉडल

छोटी-छोटी आदतें, बड़ी जल क्रांति

भारत में जल बचत का वैज्ञानिक मॉडल अजय सहाय छोटी-छोटी आदतों से पूरे भारत में जल बचत की क्रांति संभव है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की […]

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छोटी नदियों का सूखना: वर्टिकल और हॉरिज़ॉन्टल फ्रैक्चर की वैज्ञानिक गाथा

छोटी नदियों का सूखना

वर्टिकल और हॉरिज़ॉन्टल फ्रैक्चर की वैज्ञानिक गाथा अजय सहाय आज के समय में जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण सर्दियों के मौसम (Winter Season) में […]

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जल संकट समाधान की जनसहभागिता आधारित क्रांति और जल आत्मनिर्भर भारत 2047 का मार्गदर्शक मॉडल

पानी पंचायत

जल संकट समाधान की जनसहभागिता आधारित क्रांति और जल आत्मनिर्भर भारत 2047 का मार्गदर्शक मॉडल अजय सहाय पानी पंचायत की अवधारणा भारत के ग्रामीण क्षेत्रों […]

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जल बम के मुहाने  पर बैठा है दक्षिण एशिया

जल बम के मुहाने  पर बैठा है दक्षिण एशिया

जब जल पर जंग होगी ! पंकज चतुर्वेदी  ‘खून और आतंकवाद साथ नहीं चल सकता’- पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के विरुद्ध भारतीय नीति ने पानी की […]

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‘हिम नदी’ से ‘रेत नदी’ तक: ग्लेशियरों से सूखती नदियों की कहानी

‘हिम नदी’ से ‘रेत नदी’ तक: ग्लेशियरों से सूखती नदियों की कहानी

ग्लेशियरों से सूखती नदियों की कहानी अजय सहाय जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध ग्लेशियरों का संरक्षण आज मानव अस्तित्व और पृथ्वी की जल, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी […]

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वेटलैंड का वैज्ञानिक और पारिस्थितिक महत्व: कार्बन अवशोषण से ऊर्जा चक्र तक की एक समग्र विवेचना

वेटलैंड का वैज्ञानिक और पारिस्थितिक महत्व: कार्बन अवशोषण से ऊर्जा चक्र तक की एक समग्र विवेचना

वेटलैंड का वैज्ञानिक और पारिस्थितिक महत्व अजय सहाय वेटलैंड्स अर्थात् आर्द्रभूमियाँ, पारिस्थितिक तंत्र का ऐसा महत्वपूर्ण भाग हैं जो न केवल जैव विविधता के लिए […]

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वेटलैंड और मियावाकी जैव विविधता: जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध प्रकृति की ढाल

“वेटलैंड और मियावाकी जैव विविधता: जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध प्रकृति की ढाल”

वेटलैंड और मियावाकी जैव विविधता अजय सहाय वर्तमान जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती के संदर्भ में जब पृथ्वी का औसत तापमान 1.5°C से ऊपर जाने […]

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मणिका मन वेटलैंड : मुजफ्फरपुर के जल

मणिका मन वेटलैंड : मुजफ्फरपुर

मणिका मन वेटलैंड : मुजफ्फरपुर अजय सहाय मणिका मन वेटलैंड : मुजफ्फरपुर के जल, जैव विविधता, पर्यटन और सामुदायिक विकास का आधुनिक उदाहरण के रूप […]

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हमारी नई पुस्तक “यमुना की सहेलियों की पीड़ा ” लेखक प्रवीण पांडे का अंश  अमर उजाला अखबार  के रविवार “मनोरंजन ” में प्रकाशित हुआ है ।

सखी नदियों में पानी कम होगा तो बड़ी नदी भी सूखेगी पर्यावरण लेखक प्रवीण पांडेय ने अपनी किताब ‘यमुना की सहेलियों की पीड़ा’ में यमुना […]

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बुध हो कर अंतिम साँसे ले रहा है किशोर सागर

बुध हो कर अंतिम साँसे ले रहा है किशोर सागर

बुध हो कर अंतिम साँसे ले रहा है किशोर सागर पंकज चतुर्वेदी मध्य प्रदेश में इन दिनों राज्य सरकार का “जल गंगा संवर्धन अभियान” चल रहा […]

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जल निधियों  को उजाड़ने से प्यासे हैं शहर

जल निधियों  को उजाड़ने से प्यासे हैं शहर

जब दिल्ली में यमुना लबालब होती है तो यहाँ के नाले- कारखाने उसमें इतना जहर घोलते हैं कि नदी सारे रास्ते हाँफती है और जब पानी का संकट खड़ा होता है तो नदी की याद आती है । यह हाल केवल दिल्ली का नहीं, देश के लगभग सभी बड़े शहरों का है । अपने तालाबों पर मिट्टी डाल कर कंक्रीट से तन  गया बैंगलुरु तो ’केपटाउन’ की तरह जल-शून्य की चेतावनी से बहाल है और अभी पंद्रह दिन में जब मानसून आएगा तो शहर जल भराव के चलते ठिठक जाएगा ।

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कैसे पुनर्जीवित हो हिंडन

कैसे पुनर्जीवित हो हिंडन

रिवर से सीवर बन गई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख और यमुना की महत्वपूर्ण सहायक नदी हिंडन को फिर से जीवन देने के लिए नागरिक […]

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