Month: June 2025

जैव-विविधता और पर्यावरण संतुलन को प्रभावित कर रही सांपों की तस्करी !

जैव-विविधता और पर्यावरण संतुलन को प्रभावित कर रही सांपों की तस्करी !

जैव-विविधता और पर्यावरण संतुलन को प्रभावित कर रही सांपों की तस्करी सुनील कुमार महला वैसे तो सांपों के नाम से ही हर किसी को डर […]

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जल बम के मुहाने  पर बैठा है दक्षिण एशिया

जल बम के मुहाने  पर बैठा है दक्षिण एशिया

जब जल पर जंग होगी ! पंकज चतुर्वेदी  ‘खून और आतंकवाद साथ नहीं चल सकता’- पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के विरुद्ध भारतीय नीति ने पानी की […]

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Rainwater harvesting in 100% homes: Water insurance of the future

100 प्रतिशत घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग: भविष्य का जल बीमा

100 प्रतिशत घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अजय सहाय यदि भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक घर में 100 प्रतिशत वर्षा जल संचयन […]

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‘हिम नदी’ से ‘रेत नदी’ तक: ग्लेशियरों से सूखती नदियों की कहानी

‘हिम नदी’ से ‘रेत नदी’ तक: ग्लेशियरों से सूखती नदियों की कहानी

ग्लेशियरों से सूखती नदियों की कहानी अजय सहाय जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध ग्लेशियरों का संरक्षण आज मानव अस्तित्व और पृथ्वी की जल, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी […]

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वेटलैंड का वैज्ञानिक और पारिस्थितिक महत्व: कार्बन अवशोषण से ऊर्जा चक्र तक की एक समग्र विवेचना

वेटलैंड का वैज्ञानिक और पारिस्थितिक महत्व: कार्बन अवशोषण से ऊर्जा चक्र तक की एक समग्र विवेचना

वेटलैंड का वैज्ञानिक और पारिस्थितिक महत्व अजय सहाय वेटलैंड्स अर्थात् आर्द्रभूमियाँ, पारिस्थितिक तंत्र का ऐसा महत्वपूर्ण भाग हैं जो न केवल जैव विविधता के लिए […]

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नील गाय

नील गाय

नील गाय – नील गाय या रोजा या फिर घोड़परास खेती के लिए खतरा पंकज चतुर्वेदी दो राज्यों के बीच फैले बुंदेलखंड में  सड़कें बहुत […]

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वेटलैंड और मियावाकी जैव विविधता: जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध प्रकृति की ढाल

“वेटलैंड और मियावाकी जैव विविधता: जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध प्रकृति की ढाल”

वेटलैंड और मियावाकी जैव विविधता अजय सहाय वर्तमान जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती के संदर्भ में जब पृथ्वी का औसत तापमान 1.5°C से ऊपर जाने […]

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पक्षियों की 500 प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर

पक्षियों की 500 प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर

पक्षियों की 500 प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर पक्षियों की 500 से ज्यादा प्रजातियां अगले सौ वर्षों में विलुप्त हो सकती हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी […]

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