“ऊई हुंका” अर्थात दीमक की बाँबियाँ लुप्त होने का अर्थ है कि धरती संकट में हैं । पंकज चतुर्वेदी उड़ीसा का कश्मीर कहलाने वाले कंधमाल […]
Read moreDay: 17 March 2026
भविष्य के संघर्षों का कारण: पानी की कमी और पलायन
1997 में पानी की उपलब्धता 575 घन किलोमीटर थी, लेकिन अब यह घटकर लगभग 500 घन किलोमीटर रह गई है विकास परसराम मेश्राम नेशनल इंस्टीट्यूट […]
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