रोहित कौशिक हर बरसात में पहाड़ों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आती हैं। इस साल भी यही हाल है।अत्यधिक मानवीय हस्तक्षेप एवं मानवीय गतिविधियों ने […]
Read moreCategory: Environment (पर्यावरण )
गुरूग्राम क्यों बन जाता है जल-ग्राम ?
पंकज चतुर्वेदी बीते तीन साल में सौ करोड़ खर्च हो गए लेकिन हर बारिश की फुहार के साथ दुनिया में मशहूर औधयोगिक शहर गुरुग्राम के […]
Read moreस्वस्थ ओजोन परत ही हमारी स्वस्थता का आधार
रोहित कौशिक 16 सितम्बर, विश्व ओजोन दिवस आज विश्व ओजोन दिवस है। यह दिन हमें पर्यावरण से जुडे विभिन्न मुददों पर बहुत कुछ सोचने के […]
Read moreओज़ोन परत संरक्षण और जलवायु कार्यवाही को बढ़ाना
( विश्व ओज़ोन दिवस 16 सितम्बर पर विशेष ) डॉ. मौहम्मद अवैस ओज़ोन गैस ऑक्सीजन का एक अनुरूप है यह वायुमंडल में बहुत कम […]
Read moreजलवायु परिवर्तन और जल संकट पर प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण ही एकमात्र समाधान
विकास परसराम मेश्राम जल संकट केवल हमारे देश की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आज दुनिया की 26 […]
Read moreपेड़ लगाने का पराक्रम
वह अपने जीवनकाल में कम-से-कम एक पेड़ अवश्य लगाएगा और उसका पालन-पोषण करेगा, तो कुछ ही वर्षों में यह पूरी भारत भूमि पुनः हरी-भरी और समृद्ध हो सकती है।
Read moreमौसम पूर्वानुमान में अल-नीनो की भूमिका
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक सन 1953 से 2023 के बीच कुल 22 ला नीना साल दर्ज किए गए हैं, जिसमें से सिर्फ दो बार यानी साल 1974 और 2000 के मॉनसून सीजन में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि बाकी सालों के मॉनसून में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
Read moreवनों की आग से बढ़ता पर्यावरणीय खतरा
वनों की आग ने एक बार फिर से आपदा प्रबंधन, पर्यावरणीय सुरक्षा, बहुमूल्य वनस्पति एवं वन्यजीवों के संरक्षण जैसे बहुत से प्रश्नों पर विचार करने को विवश कर दिया है।
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