भारतीय आपदाएँ, वैश्विक जलवायु और जल आत्मनिर्भरता की दिशा अजय सहाय हिमालय और मानसून का संबंध केवल भारतीय उपमहाद्वीप तक सीमित नहीं है बल्कि यह […]
Read moreCategory: Environment (पर्यावरण )
समेकित विकास से बचाया जा सकता है निकोबार का पर्यावरण
हिन्द महासागर में 572 द्वीपों का समूह अंडमान निकोबार पंकज चतुर्वेदी क्या विकास के प्रतिमान में आदिम लोगों के नैसर्गिक पर्यावास, जीवन शैली , बोली-भाषा को संरक्षित करने की कोई नीति […]
Read moreपिघलते हिमालय और बनते वेटलैंड्स
जैव विविधता, आपदा और जल आत्मनिर्भरता की चुनौती अजय सहाय हिमालयी क्षेत्र को विश्व की “तीसरी ध्रुवीय पट्टी” कहा जाता है क्योंकि यहाँ 9,575 से […]
Read moreहिमालयी महाप्रलय
जलवायु परिवर्तन, चरम वर्षा और ग्लेशियर संकट का वैज्ञानिक विश्लेषण (2010–2025) अजय सहाय हिमालय जिसे “तीसरा ध्रुव” (Third Pole) कहा जाता है, इस शताब्दी की […]
Read moreयुवा और नाजुक हिमालय पर पर्यटन का दबाव
भूगर्भीय सहनशीलता, भार वहन क्षमता और वैज्ञानिक चेतावनी अजय सहाय हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्य हाल ही में बने युवा हिमालय (Newly Himalayan Range) […]
Read moreगणपति का स्वागत करें प्रकृति सहेज कर !
गणपति बप्पा मौर्या, मंगल मूर्ति मौर्या पंकज चतुर्वेदी कुछ ही दिनों में बारिश के बादल अपने घरों को लौटने वाले हैं । सुबह सूरज कुछ […]
Read moreअगली पीढ़ी के लिए कठिन वर्तमान और अनिश्चित भविष्य की वजह बनता जलवायु संकट
जानिए क्यों बच्चों की सुरक्षा और बेहतरी भी जलवायु संकट से जुड़ी चर्चाओं का विषय बननी चाहिए। जननी शेखर यूनीसेफ बच्चों पर जलवायु परिवर्तन के […]
Read moreजलवायु में बदलाव के दौर में भयावह होता बादलों का फटना
बादल फटने की घटनाओं में वृद्धि बेहद चिंताजनक पंकज चतुर्वेदी स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ के गांव चिसौती में बादल फटने […]
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