जब बांस फूलता है, तो मृत्यु और विनाश उसके पीछे-पीछे आता है। पंकज चतुर्वेदी सीमापार म्यांमार से आ गए पचास हज़ार से अधिक शरणार्थियों के […]
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क्या एआइ सोख रही है नीले ग्रह का पानी ?
कहा गया है कि विज्ञान वरदान है तो अभिशाप भी है सुनील कुमार महला आज एआइ(आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का जमाना है। दुनिया में आज एआइ के […]
Read moreघुटन में डरी दिल्ली
हर दीपावली के बाद दिल्ली शहर का घुटता दम संदीप जोशी हर दीपावली के बाद दिल्ली शहर का दम तो घुटता ही है। लेकिन गए […]
Read moreवृक्षम्मा ने दुनिया को विदा कहा
थिमक्का ने बिना औपचारिक शिक्षा प्राप्त किए अपने वृक्षारोपण के मिशन की शुरुआत की। अंकित पद्मश्री सम्मानित पर्यावरण कार्यकर्ता ‘सालूमरदा’ थिमक्का का शुक्रवार 14 नवंबर […]
Read moreजल-जंगल-जमीन से जुड़ी शब्दावली में क्या-क्या शामिल है?
वन और पर्यावरण से जुड़े अधिकारों के विभिन्न पहलुओं से संबंधित महत्वपूर्ण शब्द, जो भारतीय वन अधिकार और अन्य कानूनों को समझने में मददगार हैं। […]
Read moreउथली नदियों में पानी का संकट – बिहार
बीते दो दशकों के दौरान बिहार में 4,425 पुल बने हैं। इन सबका मलबा नदियों में गिरा दिया गया। अवैध रेत खनन के अलावा नदियों […]
Read moreअन्न ब्रह्म है
अन्न की बर्बादी, एक नैतिक अपराध। सुनील कुमार महला अन्न हमारे जीवन का आधार है। यह न केवल शरीर को ऊर्जा देता है, बल्कि जीवन […]
Read moreबदलती जलवायु, बिगड़ता स्वास्थ्य
2025 की भयावह तस्वीर । सुनील कुमार महला प्रदूषण अब केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्य आपातकाल बन चुका है। इस संदर्भ में ‘द लैंसेट […]
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