बमुश्किल एक घंटे की बरसात में ही दिल्ली ठिठक गई पंकज चतुर्वेदी इस बार बीते डेढ़ महीने में राजधानी दिल्ली पर कुल चार बार ठीकठाक […]
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दरकते पहाड़, कटते जंगल: विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश
दरकते पहाड़, कटते जंगल अजय सहाय भारत के पर्वतीय राज्यों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, मिज़ोरम, त्रिपुरा, नगालैंड, अरावली क्षेत्र (राजस्थान, […]
Read moreबारिश का हर कतरा कीमती: भूजल रिचार्ज की दिशा में भारत की चुनौती और समाधान
बारिश का हर कतरा कीमती अजय सहाय भारत में प्रतिवर्ष औसतन 4000 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) वर्षा जल गिरता है, किंतु इस अमूल्य जल संपदा […]
Read moreमानसून में भूस्खलन और बाढ़ से ऐसे बचें !
मानसून में भूस्खलन और बाढ़ से ऐसे बचें ! सुनील कुमार महला जुलाई बारिश का महीना है और इन दिनों देश में जगह-जगह खूब मानसून […]
Read moreNERO तकनीक: वायुमंडलीय नमी से जल उत्पादन की क्रांति और जल आत्मनिर्भर भारत की ओर
NERO तकनीक अजय सहाय जल संकट को वैश्विक चुनौती के रूप में स्वीकार किया जा चुका है, और विशेष रूप से भारत जैसे विकासशील देश […]
Read moreचेतावनियों को नजरंदाज करने से आई तबाही
चेतावनियों को नजरंदाज करने से आई तबाही पंकज चतुर्वेदी सुंदर, शांत , सुरम्य हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मौत का सन्नाटा है । छोटे से […]
Read moreग्लेशियर जल का भूमिगत जल रिचार्ज में योगदान
ग्लेशियर जल का भूमिगत जल रिचार्ज में योगदान अजय सहाय ग्लेशियर जल का भूमिगत जल रिचार्ज में योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, विशेषकर भारत जैसे […]
Read moreजैव-विविधता और पर्यावरण संतुलन को प्रभावित कर रही सांपों की तस्करी !
जैव-विविधता और पर्यावरण संतुलन को प्रभावित कर रही सांपों की तस्करी सुनील कुमार महला वैसे तो सांपों के नाम से ही हर किसी को डर […]
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