अमरेली जिले का “नाना माचियाला” गांव अभिषेक गोंडलिया हरित और स्वच्छ वातावरण के लिए ग्रामीणों का भगीरथ प्रयास सौराष्ट्र क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए […]
Read moreCategory: Article (लेख)
पानी बचाने की क्रांति
भारतीय अनुभव और वैश्विक तकनीकों का मेल अजय सहाय भारत में सरकारी तालाबों की भूमिका वर्ष 2047 तक ‘जल आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति […]
Read moreदिल्ली वायु प्रदूषण और पुराने वाहन (हस्तकक्षेप )
दिल्ली में वायु प्रदूषण का बड़ा कारण यहां बढ़ रहे वाहन पंकज चतुर्वेदी दिल्ली के आनंद विहार में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत गंभीर (Severe) श्रेणी […]
Read moreजल आत्मनिर्भर भारत 2047 की दिशा में पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण
भारत में पारंपरिक जल स्रोतों का महत्व अत्यंत प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है अजय सहाय भारत में पारंपरिक जल स्रोतों का महत्व अत्यंत […]
Read moreनदियाँ बहती रहीं, सूखे बढ़ते रहे
भारत का अधूरा जल प्रबंधन सपना अजय सहाय भारत में प्रतिवर्ष औसतन 4000 अरब घन मीटर (BCM) वर्षा जल प्राप्त होने के बावजूद भी स्वतंत्रता […]
Read more10 वर्षों में असमान रही जुलाई की शुरुआती वर्षा
वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन मानते हैं इसकी बड़ी वजह, इस वर्ष 12 दिनों में रिकॉर्ड की गई 180 मिमी बारिश पिछले 10 वर्षों में जुलाई की […]
Read moreखेती में नवाचार का प्रेरणादायक उदाहरण
महुवा के जगदीशभाई देसाई की ड्रैगन फ्रूट खेती अभिषेक गोंदलिया गुजरात राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में कृषि क्षेत्र में नवाचार को अपनाने की दिशा […]
Read moreसमृद्ध किसान, समृद्ध हिमाचल
हिमाचल प्रदेश में कृषि का पारंपरिक स्वरूप रोहित प्राशर हिमाचल प्रदेश, अपनी हरी-भरी वादियों, बर्फ से ढकी चोटियों और ऊंचे-नीचे पहाड़ी ढलानों पर फैले खेतों […]
Read more