पारंपरिक ‘जल-तिजोरियां’ ही बचा सकती हैं बेपानी होने से पंकज चतुर्वेदी इस साल मौसम ने होली से पहले ही तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए […]
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सतत् विकास हेतु जल संरक्षण आवश्यक
सुनील कुमार महला 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ मनाया जाता है। वास्तव में प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को मनाया जाने वाला विश्व जल दिवस […]
Read moreविश्व जल दिवस के निमित्त 23 मार्च को ‘क्या पानीदार रहेगी हमारी दुनिया?’ विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन
जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन के बढ़ते खतरों के बीच ‘सेवा-सुरभि’ संस्था द्वारा विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘क्या पानीदार रहेगी हमारी दुनिया’ विषय […]
Read moreपानी की बर्बादी ना रोकी तो बेपानी हो जायगा देश
पंकज चतुर्वेदी जाम्बा, करनाल से कैथल जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक संपन्न गांव है। कोई 1250 की आबादी वाले पूरे गांव में 242 घर […]
Read moreप्लास्टिक कचरे को कम करना होगा
पंकज चतुर्वेदी पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के स्थानीय निकायों को ठोस कूड़े के निष्पादन में कोताही बरतने पर नाखुशी जाहिर करते हुए पूछा […]
Read moreजलवायु परिवर्तन से गड़बड़ा सकती है भारत की अर्थव्यवस्था
पंकज चतुर्वेदी तमिलनाडु का धरमपुर रेशम के लिए मशहूर है । यहा हर साल लगभग 17 लाख टन रेशम कोकून की पैदावार होती है। पिछले […]
Read moreबैलों से खेती: छोटे व सीमांत किसानों को प्रोत्साहन ।
सुनील कुमार महला राजस्थान सरकार की ओर से छोटे और सीमांत किसानों के लिए कुछ समय पहले ही एक शानदार व अच्छा फैसला आया है। […]
Read moreभूमध्य सागर के सबसे गहरे बिंदु तक जा पहुंचा प्लास्टिक का ज़हर !
सुनील कुमार महला प्लास्टिक मानवजाति ही नहीं धरती के सभी प्राणियों के ‘जी का जंजाल’ बनता चला जा रहा है। यह ठीक है कि प्लास्टिक […]
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