सरस्वती रमेश बाजार में आप सब्जी खरीदने जायें या किराना, परचून की दुकान से कोई छोटा-मोटा सामान, दुकानदार आपको पॉलिथीन के बैग में सामान पकड़ा […]
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दिल्ली में जहर हो चुका भू जल
पंकज चतुर्वेदी देश की राजधानी की आबादी बढ़ती जा रही है और उसी गति से यहाँ पानी की मांग बढ़ यही है । यमुना से […]
Read moreनकली बरसात संकट भी बढ़ा सकती है
पंकज चतुर्वेदी इस बार जाड़ा पड़ने से बहुत पहले, जब दिल्ली हर बारिश के बाद डूब रही है , सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण […]
Read more‘भारत में जलवायु परिवर्तन’
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव न केवल वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है, बल्कि यह स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं को भी जन्म दे रहा है। यह […]
Read moreजल का सही प्रबंधन ही जलस्वराज की ओर बढ़ने का रास्ता है…
विकास परसराम मेश्राम जल जीवन का मूलभूत तत्व है। यह पृथ्वी पर सभी जीवों के लिए अनिवार्य है। हालांकि, बढ़ती जनसंख्या और अनियंत्रित विकास के […]
Read moreराजधानी बनते ही ताल तलैया चाट गया रायपुर
पंकज चतुर्वेदी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस बार अप्रेल का मौसम इतना गर्म नहीं था लेकिन पानी की किल्लत चरम पर रही . यदि […]
Read moreमानवीय हस्तक्षेप से बढ़ी आपदाओं की तीव्रता
रोहित कौशिक हर बरसात में पहाड़ों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आती हैं। इस साल भी यही हाल है।अत्यधिक मानवीय हस्तक्षेप एवं मानवीय गतिविधियों ने […]
Read moreबाढ़ खलनायक नहीं होती !
पंकज चतुर्वेदी साल के दस महीने लाख मिन्नतों के बाद जब आसमान से जीवनदाई बरसात का आशीष मिलता है तो भारत का बड़ा हिस्सा इससे […]
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