खूब बरसेगा मानसून, जल-नियोजन जरूरी ! सुनील कुमार महला हाल ही में आईएमडी (भारतीय मौसम विभाग) ने यह जानकारी दी है कि इस बार देश […]
Read moreCategory: Water (जल)
जल निधियों को उजाड़ने से प्यासे हैं शहर
जब दिल्ली में यमुना लबालब होती है तो यहाँ के नाले- कारखाने उसमें इतना जहर घोलते हैं कि नदी सारे रास्ते हाँफती है और जब पानी का संकट खड़ा होता है तो नदी की याद आती है । यह हाल केवल दिल्ली का नहीं, देश के लगभग सभी बड़े शहरों का है । अपने तालाबों पर मिट्टी डाल कर कंक्रीट से तन गया बैंगलुरु तो ’केपटाउन’ की तरह जल-शून्य की चेतावनी से बहाल है और अभी पंद्रह दिन में जब मानसून आएगा तो शहर जल भराव के चलते ठिठक जाएगा ।
Read moreमनुष्य के दुश्मन नहीं, हितकारी हैं समस्त पशु-पक्षी !
सुनील कुमार महला सोशल नेटवर्किंग साइट्स के फायदे भी बहुत हैं। हाल ही में फेसबुक पर राजस्थान के एक स्थानीय यू-ट्यूब रील्स कलाकार(कामेडियन) की एक […]
Read moreरिवर फ्रन्ट से यमुना की नहीं व्यापारियों की सेहत सुधरेगी
पंकज चतुर्वेदी रामनवमी की सुबह से ही दिल्ली में यमुना पर सफेद झाग छाए थे । थोड़ा करीब से देखा तो पानी निपट काला था […]
Read moreराष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान रुड़की
हिंदी में तकनीकी पुस्तक लेखन पुरस्कार योजना वर्ष 2024 जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के […]
Read moreहिंडन नदी पुनरुद्धार योजना
हिंडन जल बिरादरी इंसान के लालच, लापरवाही ने हिंडन को ‘हिडन’ बना दिया है लेकिन जब नदी अपना रौद्र रूप दिखाती है तब मानव जाति […]
Read moreजल प्रबंधन और संरक्षण:
जल संकट का एकमात्र समाधान विकास परसराम मेश्राम जल मनुष्य के जीवन का मूल आधार है। धरती पर हर जीव का अस्तित्व जल पर निर्भर […]
Read moreस्वच्छ जल की सुलभता: आज भी एक चुनौती !
सुनील कुमार महला, फ्रीलांस राइटर भौगोलिक दृष्टि से भारत विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है, जबकि जनसंख्या के दृष्टिकोण से आज के समय दुनिया […]
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