अखबार में ये ऐसे समाचार दिखे जो पर्यावरण के क्षेत्र में सुखद अनुभूति देते हैं । क्या आपके आसपास भी ऐसे ही कुछ लोग – […]
Read moreCategory: Water (जल)
“ईश्वर” बताएगा पानीदार सोते-झरने का हाल
उत्तराखंड में सदियों से लोगों की प्यास बुझाते प्राकृतिक जल स्रोत अब खुद प्यासे हो रहे हैं. पहाड़ों से निकलकर शहरों तक पहुंचने वाले स्वच्छ और […]
Read moreजल-माता का आशीष
यदि एक दिन और पानी नहीं बरसा तो गाँव छोड़ कर ही जाना होगा . बात 1998 की है . कम बरसात, रेगिस्तान के लिए […]
Read more“डूबते हुए प्यासे शहर”
श्री पंकज चतुर्वेदी जी की पुस्तक इस पुस्तक के बारे में लेखिका सुश्री भारती पाठक के विचार जल जीवन है | सिर्फ मनुष्य ही नहीं […]
Read moreदिल्ली में जहर हो चुका भू जल
पंकज चतुर्वेदी देश की राजधानी की आबादी बढ़ती जा रही है और उसी गति से यहाँ पानी की मांग बढ़ यही है । यमुना से […]
Read more‘भारत में जलवायु परिवर्तन’
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव न केवल वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है, बल्कि यह स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं को भी जन्म दे रहा है। यह […]
Read moreजल का सही प्रबंधन ही जलस्वराज की ओर बढ़ने का रास्ता है…
विकास परसराम मेश्राम जल जीवन का मूलभूत तत्व है। यह पृथ्वी पर सभी जीवों के लिए अनिवार्य है। हालांकि, बढ़ती जनसंख्या और अनियंत्रित विकास के […]
Read moreराजधानी बनते ही ताल तलैया चाट गया रायपुर
पंकज चतुर्वेदी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस बार अप्रेल का मौसम इतना गर्म नहीं था लेकिन पानी की किल्लत चरम पर रही . यदि […]
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