भारत का हरित पथ
संरक्षण से जलवायु कार्रवाई तक परिचय इक्कीसवीं सदी में विकास और पर्यावरण के बीच संबंध नीति-विमर्श के हाशिए से उठ कर राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया के […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
संरक्षण से जलवायु कार्रवाई तक परिचय इक्कीसवीं सदी में विकास और पर्यावरण के बीच संबंध नीति-विमर्श के हाशिए से उठ कर राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया के […]
Read moreदेश का बड़ा हिस्सा पेय जल और खेती के लिए भू जल पर निर्भर है । जिस देश में भूजल ने हरित क्रांति को संवारा और जिसके चलते भारत एक खाद्य-सुरक्षित राष्ट्र बन गया, वहीं बहुमूल्य संसाधन अतिदोहन के चलते अब खतरे में हैं ।
Read moreकूवम शब्द ‘कूपम ’ से बना है- जिसका अर्थ होता हैं कुआँ। कूवम नदी 75 से ज्यादा तालाबों के अतिरिक्त जल को अपने में सहजे कर तिरूवल्लूर जिले में कूपम नामक स्थल से उदगमित होती है। दो सदी पहले तक इसका उद्गम धरमपुरा जिले था, भौगोलिक बदलाव के कारण इसका उदगम स्थल बदल गया।
Read moreसन 1993 से अभी तक दिल्ली में यमुना के हालात सुधारने के नाम पर दिल्ली सरकार ने 5400 करोड़ का खर्चा हुआ, इसमें से 700 करोड़ की राशी सन 2015 के बाद खर्च की गई ।
Read moreशहरों में भीड़ कम हो, निजी वाहन कम हों , जाम न लगे, हरियाली बनी रहे – इसी से जहरीला धुंआ कम होगा । मशीने मानवीय भूल का निदान होती नहीं । हमें जरूरत है आत्म नियंत्रित ऐसी प्रक्रिया की जिससे वायु को जहर बनाने वाले कारक ही जन्म न लें ।
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