हर साल एक फीसदी घट रहा है असम
पंकज चतुर्वेदी यदि असम सरकार के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को भरोसेमंद माने तो सन 1950 से अभी तक राज्य की 427,000 हैक्टेयर भूमि […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
पंकज चतुर्वेदी यदि असम सरकार के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को भरोसेमंद माने तो सन 1950 से अभी तक राज्य की 427,000 हैक्टेयर भूमि […]
Read moreउत्तराखंड में सदियों से लोगों की प्यास बुझाते प्राकृतिक जल स्रोत अब खुद प्यासे हो रहे हैं. पहाड़ों से निकलकर शहरों तक पहुंचने वाले स्वच्छ और […]
Read moreइस साल जुलाई के महीने में वैसे तो भारत में कई जगह बाढ़ और धरती खिसकने की घटनाओं ने चिंता बढ़ाई, लेकिन विश्व मौसम संगठन(डब्ल्यूएमओ) […]
Read moreअखबारों में ऐसे समाचार दिखे जो पर्यावरण के क्षेत्र में सुखद अनुभूति देते हैं । क्या आपके आसपास भी ऐसे ही कुछ लोग – संस्था […]
Read moreअखबार में ये ऐसे समाचार दिखे जो पर्यावरण के क्षेत्र में सुखद अनुभूति देते हैं । क्या आपके आसपास भी ऐसे ही कुछ लोग – […]
Read moreआज के अखबारों में ये दो ऐसे समाचार दिखे जो परीवरण के क्षेत्र में सुखद अनुभूति देते हैं । क्या आपके आसपास भी ऐसे ही […]
Read more40 लाख का पाली हाउस एक लाख में कैसे बना रहा है मां दंतेश्वरी समूह रायपुर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय ग्रीन समिट के तकनीकी सत्र […]
Read moreरोहित कौशिक हाल ही में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद स्थित गांव बेलड़ा में सेमल के 150 वर्ष पुराने पेड़ की रस्म तेरहवीं का […]
Read moreयदि एक दिन और पानी नहीं बरसा तो गाँव छोड़ कर ही जाना होगा . बात 1998 की है . कम बरसात, रेगिस्तान के लिए […]
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