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अधर  में लटका जेनेटिक सरसों  का मसला

अनुमान  है कि अगले  साल  2025 -26 में यह मांग 34 मिलियन टन तक पहुँच जाएगी । हमारे खाद्य तेल के बाजार में सरसों के तेल की भागीदारी कोई 40 फीसदी है

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ढहते पहाड़  से बिगड़ता प्राकृतिक संतुलन

भूस्खलन अर्थात ऊँचाई से कीचड़, मलबा और चट्टानों का तेजी से नीचे आना . इससे जनजीवन ठहर सा जाता है .सडक और रेलवे लाइने बाधित होती हैं .

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राजधानी दिल्ली में यमुना आईसीयू में यमुना सफाई के दावे कागजी

यमुना नदी में प्रदूषण की स्थिति एक बार फिर से सुर्खियों में है। हाल ही में आई भारी बरसात के बाद भी यमुना साफ नहीं दिख रही है। जुलाई 2024 में यमुना में सफेदी की खबरें एक बार फिर से सामने आई हैं, जिससे पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।

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बाढ़ के कारण जानवरों का कब्रगाह बना कांजीरंगा

कांजीरंगा उद्यान की खासियत यहां मिलने वाला एक सींग का गैंडा है। इस प्रजाति  के सारी दुनिया में उपलब्ध गैंडों का  दो-तिहाई इसी क्षेत्र में मिलता है।

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प्लास्टिक कचरे का हब हिमाचल प्रदेश

पिछले साल हिमाचल प्रदेश से 45000 किलो प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया था। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी प्रदेश में पूर्ण रूप से प्लास्टिक को बैन करने का निर्देश दिया था।

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सी ई ई डब्लू  और इंडिया क्लाइमिट कोलाबोरेटिव ः जलवायु परिवर्तन जोखिम

सी ई ई डब्लू  और इंडिया क्लाइमिट कॉलब्रेशन  द्वारा भारत के हर जिले की जलवायु परवर्तन के प्रति संवेदनशीलता और संभावित प्राकृतिक  आपदा पर यह शानदार रिपोर्ट  हर देशवासी को पढ़ना चाहिए  क्योंकि यह  स्थानीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन से उपज रहे संकट के  निदान के तलाशने  में सहायक है 

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सी पी सी बीः संकट में देश की नदियाँ

देश की नदियां इस समय बेहद संकट के दौर से गुजर रही हैं , केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने  देश के सभी नदियों की स्थित पर नवंबर 2022 में एक विस्तृत  रिपोर्ट  जारी की थी । यहाँ इस रिपोर्ट को देखा जा सकता है ।

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लोकवादी गांधी की पर्यावरणीय दृष्टि

गांधी की पर्यावरणीय दृष्टि, पर्यावरण की लोक-संरक्षण परंपरा से संबद्ध या प्रभावित है। आख़िर, भौतिकता निरपेक्ष सादगीपूर्ण उनका जीवन भी किसी अंतिम जन के रहन-सहन का ही अनुकरण था।

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