भारत की नदियों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं हैं, बल्कि कृषि, पेयजल, बिजली उत्पादन, जैव-विविधता, परिवहन और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार हैं। गंगा, […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं हैं, बल्कि कृषि, पेयजल, बिजली उत्पादन, जैव-विविधता, परिवहन और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार हैं। गंगा, […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी वहां कम बारिश होती है, इलाके की जमीन के भीतर के पानी में नमक ज्यादा है, यह बात वहां का समाज सदियों पहले […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी देश की राजधानी की आबादी बढ़ती जा रही है और उसी गति से यहाँ पानी की मांग बढ़ यही है । यमुना से […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी अब तो बरसात बंद हो गई है लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ों का रूठना बंद नहीं हो रहा । एक तरफ प्रधानमंत्री का “10 […]
Read moreदुनिया-देश की ऐसे समाचार जी आपको चेतावनी देते हैं ग्लोबल ट्री असेसमेंट रिपोर्ट चिंताजनक ग्लोबल ट्री असेसमेंट रिपोर्ट ने चेताया, हालात ऐसे ही रहे, तो […]
Read moreहर हरियाली जंगल नहीं होती पंकज चतुर्वेदी PANKAJ CHATURVEDI भारत की गिनती दुनिया के 10 सबसे अधिक वन-समृद्ध देशों में होती है . यहाँ लगभग […]
Read moreरोहित कौशिक दीपावली के दौरान होने वाले वायु प्रदूषण से वातावरण में हानिकारक गैसों एवं तत्वों की मात्रा आश्चर्यजनक रूप से बढ़ जाती है। दीपावली […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी दिल्ली की आबादी में इतने अधिक पूर्वांचली न होते और छठ पर्व की इतनी धूम न होती तो शायद लोगों को यमुना की […]
Read moreपटाखों के धुएं से मुंबई की हवा खराब 24 घंटे में 38 फीसदी बढ़ गया प्रदूषण दिवाली में पटाखों की आतिशबाजी से शहर में वायु […]
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