छोटी नदियां अक्सर गाँव, कस्बों में बहुत कम दूरी में बहती हैं । कई बार एक ही नदी के अलग अलग गाँव में अलग-अलग नाम होते हैं । बहुत नदियों का तो रिकार्ड भी नहीं है । हमारे लोक समाज और प्राचीन मान्यता नदियों और जल को ले कर बहुत अलग थी, बड़ी नदियों से दूर घर-बस्ती हो ।
Read moreTag: #भारतकीनदियाँ
यमुना की बेपरवाही से प्यासी है दिल्लीः पंकज चतुर्वेदी
“रिवर” से “सीवर” बन गई दिल्ली में यमुना को नया जीवन देने के लिए आज से कोई 9 साल पहले राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण अर्थात एन जी टी ने एक आदेश दिया था कि दिल्ली मने नदी का जहां तक बहाव है अर्थात उसका फ्लड प्लैन या कछार है , उसका सीमांकन किया जाए ।
Read moreछोटी नदियों की सेहत सुधारे बगैर नहीं बचेगी गंगा-यमुना
2014 में सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने गंगा को निर्मल और अविरल बनाने को खासा महत्व दिया था और इसके लिए नमामि गंगे योजना की घोषणा की थी। योजना पर काम अक्टूबर 2016 में आए आदेश के बाद से शुरु हो सका था। वित्त वर्ष 2014-15 से लेकर 2020-2021 तक इस नमामि गंगे योजना के तहत पहले 20 हजार करोड़ रुपए खर्च करने का रोडमैप तैयार किया गया था जो कि बाद में बढ़ाकर 30 हजार करोड़ रुपए कर दिया गया।
Read moreगाद से गहराता नदियों का संकट
विदित हो सन् 2016 में केंद्र सरकार द्वारा गठित चितले कमेटी ने साफ कहा था कि नदी में बढती गाद का एकमात्र निराकरण यही है कि नदी के पानी को फैलने का पर्याप्त स्थान मिले।
Read moreगाद से गहराता नदियों का संकट
गाद हर एक नदी का स्वाभाविक उत्पाद है लेकिन उसका भली भांति प्रबंधन अनिवार्य है । गाद जैसे ही नदी के बीच जमती है तो नदी का प्रवाह बदल जाता है ।
Read more