प्राकृतिक असंतुलन और मानवीय हस्तक्षेप ने मिलकर भारत में बाढ़ के जोखिम को लगातार गहरा किया है। यह वार्षिक आपदा अब सामाजिक-आर्थिक क्षति का प्रमुख […]
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झाग-मुक्त नदियाँ, स्वच्छ भविष्य
यमुना से लेकर ब्राज़ील तक जल-रसायन प्रदूषण की वैश्विक चुनौती और भारत का Vision 2047 अजय सहाय दिल्ली की यमुना नदी में इन दिनों झाग […]
Read moreउथली नदियों में कैसे समाता सावन-भादौ !
बिहार के वे जिले जो बाढ़ के लिए कुख्यात हैं पंकज चतुर्वेदी इस साल तो आषाढ़ से बादल बरसने शुरू हुए तो आश्विन माह में […]
Read moreनदियों के संरक्षण और स्वच्छता में स्त्रियों की भूमिका
नदियों के निकट की उर्वर भूमि, जल की निरंतर उपलब्धता, प्राकृतिक संपदा और संसाधन डॉ विभा नायक, दिल्ली विश्वविद्यालय नदियाँ किसी भी संस्कृति का प्राण […]
Read moreगंगा–यमुना का जीवित इकाई दर्ज़ा
25 वर्षों की न्यायिक, नीतिगत और पर्यावरणीय यात्रा अजय सहाय गंगा और यमुना नदियाँ भारतीय संस्कृति, सभ्यता, आस्था, कृषि और जीवनरेखा की प्रतीक मानी जाती […]
Read moreपंजाब बाढ़ राहत
यह तो जान लें कि उनकी जरूरत क्या है ? पंकज चतुर्वेदी देश का अन्नपूर्णा बीते कई दशकों की सबसे भयावह बाढ़ से जूझ रहा […]
Read moreजलवायु परिवर्तन: पिघलते ग्लेशियर व बारिश ने 11,113 नदियों को बनाया खतरनाक
एशिया की जीवनरेखा पर संकट हिमालय, तिब्बत और पामीर क्षेत्र की 11,113 नदियों में जल प्रवाह तेजी से बढ़ा है। अध्ययन में पाया गया कि […]
Read moreहिमालय की चेतावनी
नदी-नालों के किनारे बसी बस्तियों की आपदा संवेदनशीलता, क्लाउडबर्स्ट और वैज्ञानिक पुनर्विकास की आवश्यकता अजय सहाय भारत के हिमालयी क्षेत्र (उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम), अरावली […]
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