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सेहत से यह कैसा समझौता : एनालॉग पनीर पर अब निर्णायक रोक क्यों जरूरी है

पंकज चतुर्वेदी पनीर भारतीय रसोई की उस साख का नाम है, जिस पर करोड़ों घरों का भरोसा टिका है। शाकाहारी परिवारों में जब मांस-मछली से […]

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ओजोन परत पर नया शोध, नई जानकारी लेकिन खतरा टला नहीं..

रोहित कौशिक 16 सितम्बर, विश्व ओजोन दिवस      विकास एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। यही कारण है कि विश्व के ज्यादातर देश किसी न […]

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घटिया कोयला: कम बिजली, अधिक राख

घटिया कोयला: कम बिजली, अधिक राख

पंकज चतुर्वेदी देश के ताप बिजली घरों में एक पुरानी लेकिन लगातार गहराती समस्या फिर सुर्खियों में है — बॉयलर में जितना कोयला झोंका जाता […]

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आठ बहनों पर जलवायु परिवर्तन की तगड़ी मार :कम बरसात और अधिक तबाही –

आठ बहनों पर जलवायु परिवर्तन की तगड़ी मार  :कम बरसात और अधिक तबाही –

पंकज चतुर्वेदी इस साल पूर्वोत्तर भारत में बारिश का हिसाब जितना चौंकाता है, तबाही का मंज़र उससे कहीं ज़्यादा डराता है। भारतीय मौसम विभाग के […]

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कश्मीर का सेब: मुनाफे की चमक के पीछे छिपा जानलेवा जहर

पंकज चतुर्वेदी कश्मीर की वादियों में सेब के बागान केवल पेड़ों की कतारें नहीं हैं, बल्कि ये उस अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं जिस पर हजारों […]

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हिमालय में विकास की नई परिभाषा: निर्माण के साथ प्रकृति का पुनर्जीवन..

अजय सहाय हिमालय में अब विकास का अर्थ केवल सड़क, पुल, सुरंग, बाँध, जलविद्युत परियोजना, होटल और शहरों का विस्तार नहीं हो सकता। बदलती जलवायु […]

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क्या अब प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने के लिए स्थायी और पूर्णकालिक आपदा प्रबंधन सेवा बनाने का समय आ गया है?

क्या अब प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने के लिए स्थायी और पूर्णकालिक आपदा प्रबंधन सेवा बनाने का समय आ गया है?

अजय सहाय प्रतिनियुक्ति नहीं, समर्पित कैडर; केवल राहत नहीं, विज्ञान और तकनीक आधारित 24×7 सुरक्षा तंत्र बाढ़, भूस्खलन, बादल फटना, हिमनदीय झील विस्फोट, चक्रवात, भूकंप, […]

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