कहानियां,किवदंतियां कुछ भी कहें,लेकिन इस पर्व का वास्तविक संदेश तो – स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण ही है पंकज चतुर्वेदी होली भारत में किसी एक जाति, […]
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एनजीटी में होने चाहिए 51 सदस्य, हैं महज 5
साफ है कि सरकार कथित विकास के नाम पर पर्यावरण पर बुलडोजर चलाते रहना चाहती है पंकज चतुर्वेदी बुदेलखंड में छतरपुर शहर के सबसे बड़े […]
Read moreगंगा जल गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण
सरकारी मानकों के अनुसार फीकल कोलिफॉर्म, BOD और वास्तविक स्वच्छता की सच्चाई अजय सहाय गंगा नदी की स्वच्छता को समझने के लिए हमें भावनाओं से […]
Read moreजलवायु परिवर्तन के युग में सहनशील भारत
वैज्ञानिक आधार और पर्यावरणीय समाधान अजय सहाय जलवायु सहनशीलता (Climate Resilience) वह वैज्ञानिक, पारिस्थितिक और सामाजिक क्षमता है जिसके माध्यम से कोई समाज, पारिस्थितिकी तंत्र […]
Read moreदूषित पेयजल और भोजन ने टायफाइड को बनाया महामारी
भारत में टायफाइड (Typhoid) एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है पंकज चतुर्वेदी पहले तो अत्यधिक थकान और सुस्ती महसूस हो रही थी, फिर बुखार […]
Read moreआखिर क्यों चर्चा में है ‘खेजड़ी बचाओ जन-आंदोलन।’
सोलर पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करने के लिए कंपनियां बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की कटाई कर रही सुनील कुमार महला इन दिनों राजस्थान में […]
Read moreजल-जंगल-जमीन से जुड़ी शब्दावली में क्या-क्या शामिल है ?
वन और पर्यावरण से जुड़े अधिकारों के विभिन्न पहलुओं से संबंधित महत्वपूर्ण शब्द, जो भारतीय वन अधिकार और अन्य कानूनों को समझने में मददगार हैं। […]
Read moreक्या भारत के कपास किसानों को जैविक खेती का जोखिम उठाना चाहिए?
जैविक कपास की बढ़ती मांग के बावजूद किसानों को इसकी खेती में कई जोखिम उठाने पड़ते हैं। क्या अनुकूल नीतियां और सरकारी सहयोग इस तस्वीर […]
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