ऋषिकेश–हरिद्वार में स्नान योग्य जल पर वैज्ञानिक सवाल अजय सहाय ऋषिकेश और हरिद्वार, जो कि गंगा नदी के हिमालयी उद्गम क्षेत्र के सबसे पवित्र और […]
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मार्च में दिसंबर की दस्तक : बिखरता ऋतुचक्र
इस विचित्र कोहरे के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझना अनिवार्य पंकज चतुर्वेदी भारतीय कैलेंडर में मार्च का महीना उस संधि काल का प्रतीक है […]
Read moreगौरैया:आंगन की चिरैया, प्रकृति की संवेदना
20 मार्च ‘विश्व गौरैया दिवस’ सुनील कुमार महला प्रतिवर्ष 20 मार्च को ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने के पीछे का […]
Read moreआईटी शहरों का विस्तार और भारत का बढ़ता जल संकट
शहरों में झीलों और तालाबों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाना अजय सहाय 2003 के बाद भारत में आईटी आधारित शहरीकरण की तेज़ […]
Read moreखेती और पर्यावरण के लिए क्यों जरूरी है दीमक?
“ऊई हुंका” अर्थात दीमक की बाँबियाँ लुप्त होने का अर्थ है कि धरती संकट में हैं । पंकज चतुर्वेदी उड़ीसा का कश्मीर कहलाने वाले कंधमाल […]
Read moreधराली त्रासदी का नया सच: ग्लेशियर से टूटा हिमखंड बना विनाशकारी सैलाब
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालय दुनिया की सबसे युवा पर्वतमालाओं में से एक अजय सहाय 5 अगस्त 2025 को धराली (हर्षिल घाटी) में आई अचानक और […]
Read moreघटते तालाब, बढ़ता जल संकट: गाँव की जल-जीवन रेखा
तालाबों का भू-वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और कानूनी महत्व अजय सहाय भारत की पारंपरिक जल-संस्कृति में तालाब (पोंड/टैंक) हजारों वर्षों से ग्रामीण जल प्रबंधन का आधार […]
Read moreगंगा से गोदावरी तक: ‘डूबते’ डेल्टा और संकट में भारत का भविष्य
भारत के प्रमुख नदी डेल्टा और उनके किनारे तेजी से डूब रहे हैं पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियां वास्तव में करोड़ों लोगों के लिए जीवनदायिनी […]
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