भारत में ‘स्ट्रीट फूड’ संस्कृति पंकज चतुर्वेदी राजस्थान के किसी अंदरूनी कस्बे में कचोड़ी लें या फिर इंदौर-उज्जैन या मालवा के कस्बे में पोहा -जलेबी […]
Read moreMonth: November 2025
बांस में बीज आने से मिजोरम में अकाल की आहट
जब बांस फूलता है, तो मृत्यु और विनाश उसके पीछे-पीछे आता है। पंकज चतुर्वेदी सीमापार म्यांमार से आ गए पचास हज़ार से अधिक शरणार्थियों के […]
Read moreक्या एआइ सोख रही है नीले ग्रह का पानी ?
कहा गया है कि विज्ञान वरदान है तो अभिशाप भी है सुनील कुमार महला आज एआइ(आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का जमाना है। दुनिया में आज एआइ के […]
Read moreघुटन में डरी दिल्ली
हर दीपावली के बाद दिल्ली शहर का घुटता दम संदीप जोशी हर दीपावली के बाद दिल्ली शहर का दम तो घुटता ही है। लेकिन गए […]
Read moreजलवायु परिवर्तन संकट पर सम्मेलन कॉप-30
तापमान बढ़ने से समुद्र से सटे कई बड़े महानगर मुश्किल में, कोयले पर अधिक निर्भरता कम करनी ही होगी पंकज चतुर्वेदी कॉप 30 की बैठक […]
Read moreवृक्षम्मा ने दुनिया को विदा कहा
थिमक्का ने बिना औपचारिक शिक्षा प्राप्त किए अपने वृक्षारोपण के मिशन की शुरुआत की। अंकित पद्मश्री सम्मानित पर्यावरण कार्यकर्ता ‘सालूमरदा’ थिमक्का का शुक्रवार 14 नवंबर […]
Read more“कार्बन घटाने से हरित अर्थव्यवस्था तक : कॉप -30 की चुनौतियां और अवसर”
वार्षिक शिखर सम्मेलन उन देशों को एक साथ लाता है, जिन्होंने 1992 की संयुक्त राष्ट्र जलवायु संधि, जो कि 3 जून 1992 को रियो डी […]
Read moreजलवायु संकट से सुरक्षित भविष्य बनाने में समुदाय क्या भूमिका निभा सकते हैं?
जलवायु प्रयासों में अक्सर स्थानीय समुदायों और साझा संसाधनों की भूमिका अनदेखी रह जाती है जबकि इन्हें शामिल करना सामाजिक और न्यायिक नजरिए से जरूरी […]
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