यह कैसी विडंबना है कि जब हम प्रकृति को जानने और उसके साहचर्य में जीने की बात करते हैं तो लगभग99 प्रतिशत लोगों का जवाब […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
प्लास्टिक कचरे को कम करना होगा
पंकज चतुर्वेदी पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के स्थानीय निकायों को ठोस कूड़े के निष्पादन में कोताही बरतने पर नाखुशी जाहिर करते हुए पूछा […]
Read moreजलवायु परिवर्तन से गड़बड़ा सकती है भारत की अर्थव्यवस्था
पंकज चतुर्वेदी तमिलनाडु का धरमपुर रेशम के लिए मशहूर है । यहा हर साल लगभग 17 लाख टन रेशम कोकून की पैदावार होती है। पिछले […]
Read moreबैलों से खेती: छोटे व सीमांत किसानों को प्रोत्साहन ।
सुनील कुमार महला राजस्थान सरकार की ओर से छोटे और सीमांत किसानों के लिए कुछ समय पहले ही एक शानदार व अच्छा फैसला आया है। […]
Read moreभूमध्य सागर के सबसे गहरे बिंदु तक जा पहुंचा प्लास्टिक का ज़हर !
सुनील कुमार महला प्लास्टिक मानवजाति ही नहीं धरती के सभी प्राणियों के ‘जी का जंजाल’ बनता चला जा रहा है। यह ठीक है कि प्लास्टिक […]
Read moreस्वच्छता का पर्व है होली
पंकज चतुर्वेदी होली भारत में किसी एक जाति, धर्म या क्षेत्र विशेष का पर्व नहीं है, इसकी पहचान देश की संस्कृति के रूप में होती […]
Read moreवैश्विक गेहूं और चावल उत्पादन में वृद्धि एक अच्छा संकेत
सुनील कुमार महला इस साल यानी कि वर्ष 2025 में वैश्विक गेहूं और चावल उत्पादन में मामूली वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। हाल ही […]
Read moreकुछ देर से ही सही, शुरू तो हुआ अरिबाडा
पंकज चतुर्वेदी जब फरवरी का आखिरी हफ्ता गुजर गया और मौसम गरम होने लगा तो जीव प्रेमियों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गईं […]
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