हर साल लगभग 28,000 से 28,330 अतिरिक्त मौतें ! सुनील कुमार महला वन जीवन का मुख्य आधार व प्रकृति का खज़ाना हैं।जंगल केवल कार्बन स्टोर […]
Read moreCategory: वृक्ष
जब जीवनदायी पेड़ हो जाते हैं जानलेवा
शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण भी पेड़ों के लिए बड़ा खतरा है पंकज चतुर्वेदी जश्ने आज़ादी की पूर्व संध्या पर जब तगड़ी बरसात हो रही […]
Read moreएक फूल बचाने के लिए जंगल उगाने की कोशिश
फॉक्सटेल ऑर्किड मिथु गोगोई मैं एक किसान और पर्यावरण संरक्षक हूं और असम के जोरहाट जिले के एक छोटे से कस्बे तीताबोर में रहता हूं। […]
Read moreजलवायु परिवर्तन ने बदल दिया ऋतुओं का मिजाज
सर्दी, गर्मी और बारिश के समय में बदलाव से प्रकृति और इंसानों के जीवन पर असर पृथ्वी पर जीवन का एक बड़ा हिस्सा ऋतुओं पर […]
Read moreपर्यावरण संरक्षण, लैंगिक समानता और हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रख रहा राजसमंद का अनूठा गांव पिपलांत्री !
सुनील कुमार महला पेड़ हमारे पर्यावरण, हमारे पारिस्थितिकी तंत्र,मानव व धरती के समस्त प्राणियों, वनस्पतियों को बनाए रखने के लिए बहुत आवश्यक है। कहना ग़लत […]
Read moreराज्य पक्षी गोडावण संकट में
अब कृत्रिम निषेचन पर निर्भर अतिक्रमण और खनन से उजड़ा गोडावण का जैविक-प्राकृतिक क्षेत्र अजमेर अतिक्रमण और खनन के कारण सोकलिया-अरवड़ क्षेत्र उजड़ रहा है। […]
Read moreजंगली आग के लिए मानवीय गतिविधियां ही अधिक जिम्मेदार हैं ।
मानवीय गतिविधियां ही अधिक जिम्मेदार हैं । सुनील कुमार महला आग से धरती की उर्वरा शक्ति को भी बड़ा नुक़सान होता है । वास्तव […]
Read moreअंधाधुंध कटाई से गाँव के आस-पास पेड़ों का अकाल पड़ गया
अखबार में ये ऐसे समाचार दिखे जो पर्यावरण के क्षेत्र में सुखद अनुभूति देते हैं । क्या आपके आसपास भी ऐसे ही कुछ लोग – […]
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