इस समय चरम गर्मी और अव्यवस्थित मौसम की मार से मानवता कराह रही है पंकज चतुर्वेदी भारत में मौसम का बदलता मिजाज और वैशाख के […]
Read moreCategory: Climate Change (जलवायु परिवर्तन)
अल नीनो की धमक ने वैशाख को जेठ बनाया
भारत में बढ़ती तपिश और जानलेवा होती लू खजुराहो- 45 डिग्री , भटिंडा -43 डिग्री , कानपुर 45 दिल्ली एनसीआर 43 डिग्री! अप्रैल के तीसरे […]
Read moreमत्स्य पालन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना।
वियतनाम के मत्स्य पालन क्षेत्र में मत्स्य पालन एक रणनीतिक भूमिका निभाता है, जो उत्पादन वृद्धि, निर्यात और लाखों लोगों की आजीविका में महत्वपूर्ण योगदान […]
Read moreजलवायु त्रैमासिक पत्रिका
प्रकृति, विज्ञान एवं समसामयिक विमर्श की अभिव्यक्ति
Read moreतपता दक्षिण: जलवायु परिवर्तन और अदृश्य किरणों का जानलेवा जाल
तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में इस साल गर्मी ने समय से पहले दस्तक पंकज चतुर्वेदी भले ही उत्तर और मध्य भारत बेमौसम बरसात […]
Read moreकंक्रीट का विकास या नदियों का विनाश: रिवरफ्रंट के पीछे छुपी सच्चाई
नदी केवल पानी की एक धारा नहीं होती बल्कि यह एक जीवित पारिस्थितिकी तंत्र होती है अजय सहाय आज के समय में भारत सहित विश्व […]
Read moreनल में जल, बनाम कागजों पर राहत जल सुरक्षा की अधूरी जंग
जल जीवन मिशन और ‘अमृत’ जैसे प्रोजेक्ट्स के पिछले सात वर्षों के सफर को देखें पंकज चतुर्वेदी भारत दुनिया की लगभग 18% आबादी का घर […]
Read moreभारत का हरित पथ
संरक्षण से जलवायु कार्रवाई तक परिचय इक्कीसवीं सदी में विकास और पर्यावरण के बीच संबंध नीति-विमर्श के हाशिए से उठ कर राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया के […]
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