Category: Rivers and Lakes (नदियाँ और झीलें)

यमुनाऔरअन्य नदियों की दुर्गति क्यों ?

यमुनाऔरअन्य नदियों की दुर्गति क्यों ?

रोहित कौशिक दिल्ली में एक बार फिर युमना नदी में जहरीले झाग की सफेद चादर देखी गई है। हर साल अक्टूबर-नवम्बर में यमुदा नदी में […]

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नदियों के किनारे कब्जा किनका….

अखबार में ये ऐसे समाचार दिखे जो पर्यावरण के क्षेत्र में सुखद अनुभूति देते हैं । क्या आपके आसपास भी ऐसे ही कुछ लोग – […]

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फोटो कैप्शन ----- वैज्ञानिक डॉ सोबत सिंह रावत के साथ , इंडियाक्लाइमैटचेंज.कॉम के संपादक पंकज चतुर्वेदी

“ईश्वर” बताएगा  पानीदार  सोते-झरने का हाल 

उत्तराखंड में सदियों से लोगों की प्यास बुझाते प्राकृतिक जल स्रोत अब खुद प्यासे हो रहे हैं. पहाड़ों से निकलकर शहरों तक पहुंचने वाले स्वच्छ और […]

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“डूबते हुए प्यासे शहर”

श्री पंकज चतुर्वेदी जी की पुस्तक इस पुस्तक के बारे में लेखिका सुश्री भारती पाठक के विचार जल जीवन है | सिर्फ मनुष्य ही नहीं […]

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भारत में जलवायु परिवर्तन

‘भारत में जलवायु परिवर्तन’

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव न केवल वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है, बल्कि यह स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं को भी जन्म दे रहा है। यह […]

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जल का सही प्रबंधन

जल का सही प्रबंधन ही जलस्वराज की ओर बढ़ने का रास्ता है…

विकास परसराम मेश्राम जल जीवन का मूलभूत तत्व है। यह पृथ्वी पर सभी जीवों के लिए अनिवार्य है। हालांकि, बढ़ती जनसंख्या और अनियंत्रित विकास के […]

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बाढ़ खलनायक नहीं होती !

बाढ़ खलनायक नहीं होती !

पंकज चतुर्वेदी साल के दस महीने लाख मिन्नतों के बाद जब आसमान से जीवनदाई बरसात का आशीष मिलता है तो भारत का बड़ा हिस्सा इससे […]

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जलवायु परिवर्तन

जलवायु परिवर्तन और जल संकट पर प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण ही एकमात्र समाधान

विकास परसराम मेश्राम जल संकट केवल हमारे देश की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आज दुनिया की 26 […]

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