भारत की नदियों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं हैं, बल्कि कृषि, पेयजल, बिजली उत्पादन, जैव-विविधता, परिवहन और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार हैं। गंगा, […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं हैं, बल्कि कृषि, पेयजल, बिजली उत्पादन, जैव-विविधता, परिवहन और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार हैं। गंगा, […]
Read moreतापमान में दो डिग्री वृद्धि तो बढ़ेंगे कीट, गेहूं की 46% और धान की 19 फीसदी पैदावार घटेगी अगर तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की […]
Read moreकंक्रीट के जंगल को ठंढा रखने के लिए गर्म होता भारत अरुण चन्द्र राय मार्च का महिना इस साल पिछले दस सालों में सबसे गरम […]
Read moreखूब बरसेगा मानसून, जल-नियोजन जरूरी ! सुनील कुमार महला हाल ही में आईएमडी (भारतीय मौसम विभाग) ने यह जानकारी दी है कि इस बार देश […]
Read moreजब दिल्ली में यमुना लबालब होती है तो यहाँ के नाले- कारखाने उसमें इतना जहर घोलते हैं कि नदी सारे रास्ते हाँफती है और जब पानी का संकट खड़ा होता है तो नदी की याद आती है । यह हाल केवल दिल्ली का नहीं, देश के लगभग सभी बड़े शहरों का है । अपने तालाबों पर मिट्टी डाल कर कंक्रीट से तन गया बैंगलुरु तो ’केपटाउन’ की तरह जल-शून्य की चेतावनी से बहाल है और अभी पंद्रह दिन में जब मानसून आएगा तो शहर जल भराव के चलते ठिठक जाएगा ।
Read moreसुनील कुमार महला सोशल नेटवर्किंग साइट्स के फायदे भी बहुत हैं। हाल ही में फेसबुक पर राजस्थान के एक स्थानीय यू-ट्यूब रील्स कलाकार(कामेडियन) की एक […]
Read moreरिवर से सीवर बन गई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख और यमुना की महत्वपूर्ण सहायक नदी हिंडन को फिर से जीवन देने के लिए नागरिक […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी रामनवमी की सुबह से ही दिल्ली में यमुना पर सफेद झाग छाए थे । थोड़ा करीब से देखा तो पानी निपट काला था […]
Read moreसुनील कुमार महला उत्तर भारत में गर्मी अभी से कहर बरसाने लगी है जबकि अभी अप्रैल माह की शुरुआत ही हुई है। पाठकों को बताता […]
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