भारत की नदियों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं हैं, बल्कि कृषि, पेयजल, बिजली उत्पादन, जैव-विविधता, परिवहन और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार हैं। गंगा, […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं हैं, बल्कि कृषि, पेयजल, बिजली उत्पादन, जैव-विविधता, परिवहन और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार हैं। गंगा, […]
Read more480 किलोमीटर लंबी तटरेखा के साथ जलवायु-मध्यस्थ चक्रवात और तटीय कटाव इसका खतरा है और जल संसाधन मानसून पर निर्भर हैं । उड़ीसा जलवायु परिवर्तन […]
Read moreअब कृत्रिम निषेचन पर निर्भर अतिक्रमण और खनन से उजड़ा गोडावण का जैविक-प्राकृतिक क्षेत्र अजमेर अतिक्रमण और खनन के कारण सोकलिया-अरवड़ क्षेत्र उजड़ रहा है। […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में धान की पैदावार काफी अच्छी होती है । यहाँ का किसान धान में लगने वाले कीड़ों से […]
Read moreनागालैंड, भारत के आठ उत्तर पूर्वी राज्यों में से एक उत्तर पूर्वी पहाड़ियों में स्थित है और पूर्वी हिमालय का विस्तृत भाग बनता है । […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी संगम में जो लोग पावन नदी समझ कर डुबकी लगा रहे हैं, असल में वह पानी , आचमन तो दूर नहाने लायक भी […]
Read moreभारतीय संघ के सबसे युवा राज्यों में से एक, मिजोरम जलवायु परिवर्तन के प्रति काफी संवेदनशील है बदलती जलवायु का प्रभाव और कभी-कभी मौसम की […]
Read moreमेघालय की अर्थव्यवस्था मूलतः कृषि प्रधान है । चूंकि, राज्य की 70 फीसदी आबादी इसी पर निर्भर है कृषि पर रोजगार और आय सृजन भी […]
Read moreमणिपुर उत्तर में नागालैंड से घिरा हुआ, दक्षिण में मिजोरम और पश्चिम में असम जैसे सात पूर्वोत्तर पड़ोसी राज्य में से एक है । 23°83’N […]
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