Tag: #जलवायुपरिवर्तन

ग्लेशियरों का पिघलना कई खतरों का संकेत

रोहित कौशिक      इस दौर में मानवीय गतिविधियों और बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ग्लेशियर और बर्फ की चादरें हमारी […]

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हिमालय में विकास की नई परिभाषा: निर्माण के साथ प्रकृति का पुनर्जीवन..

अजय सहाय हिमालय में अब विकास का अर्थ केवल सड़क, पुल, सुरंग, बाँध, जलविद्युत परियोजना, होटल और शहरों का विस्तार नहीं हो सकता। बदलती जलवायु […]

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क्या अब प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने के लिए स्थायी और पूर्णकालिक आपदा प्रबंधन सेवा बनाने का समय आ गया है?

क्या अब प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने के लिए स्थायी और पूर्णकालिक आपदा प्रबंधन सेवा बनाने का समय आ गया है?

अजय सहाय प्रतिनियुक्ति नहीं, समर्पित कैडर; केवल राहत नहीं, विज्ञान और तकनीक आधारित 24×7 सुरक्षा तंत्र बाढ़, भूस्खलन, बादल फटना, हिमनदीय झील विस्फोट, चक्रवात, भूकंप, […]

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जलवायु परिवर्तन के कारण अल नीनों का प्रकोप अधिक हो गया है। हाल ही में एक शोध में इस खतरे को रेखांकित किया गया है । यह लेख इसी मुद्दे पर है ।

जलवायु परिवर्तन के कारण भयावह हो रहा है अल नीनो पंकज चतुर्वेदी जलवायु परिवर्तन ने अल नीनो को पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली बना दिया […]

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हिमालय पर्वत की गोद में बीएसई आठ राज्यों में ग्लेशियर के पिघलने- झीलें बनने ने चुनोटी खड़ी कर दी है ।

नेपाल में ग्लेशियर झील फटने से हुई तबाही ने भारत को सतर्क आकर दिया है । हिमालय पर्वत की गोद में बीएसई आठ राज्यों में ग्लेशियर के पिघलने- झीलें बनने ने चुनोटी खड़ी कर दी है । ऐसे में जरूरी है की हमारे देश में ग्लेशियर विकास प्राधिकरण की तरह कोई संस्था गठित हो, जो ग्लेशियर के खतरों को ले कर काम कर रही अलग अलग बहुत सी संसतहों के आँकड़े, आकलन यदि को एकीकृत रूप से निदान के साथ पेश कर सके । यह लेख इसी मुद्दे पर है । 

पंकज चतुर्वेदी पिछले कुछ वर्षों में जब भी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश या नेपाल के किसी दूरदराज गांव से अचानक आई बाढ़ की खबर आती है, […]

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“प्रकृति की सीमा तोड़ता विकास: मंदाकिनी–शिप्रा का जलप्रलय हमें क्या सिखा रहा है?”

अजय सहाय चित्रकूट की मंदाकिनी नदी का अगस्त 2026 में अचानक विकराल हो जाना केवल एक स्थानीय बाढ़ की घटना मानकर भुला देना बड़ी भूल […]

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हिमालय का अलार्म: 100 मिमी बारिश और 100 किमी तक मलबे का सफर—क्या हमारी हिमालयी आपदा नीति तैयार है?

अजय सहाय हिमालयी राज्यों में आपदा-प्रबंधन की नीति को अब केवल यह देखकर नहीं बनाया जा सकता कि किसी नदी में सामान्य दिनों में कितना […]

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चित्रकूटः मंदाकिनी का रौद्र रूप, तपोभूमि के किनारे डूब गए हमारे सपने

मुकुंद/अभिमन्यु, चित्रकूट आपदा अध्ययन केंद्र #चित्रकूट के रामघाट पर आज सन्नाटा है। वह सन्नाटा जो आरती की भीड़, मंत्रों की गूंज और भक्तों के चरणों […]

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