Tag: #जलवायुपरिवर्तन

तपता दक्षिण: जलवायु परिवर्तन और अदृश्य किरणों का जानलेवा जाल

तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में इस साल गर्मी ने समय से पहले दस्तक पंकज चतुर्वेदी भले ही उत्तर और मध्य भारत  बेमौसम बरसात […]

Read more
नल में जल, बनाम कागजों पर राहत जल सुरक्षा की अधूरी जंग

नल में जल, बनाम कागजों पर राहत जल सुरक्षा की अधूरी जंग

जल जीवन मिशन  और ‘अमृत’  जैसे प्रोजेक्ट्स के पिछले सात वर्षों के सफर को देखें पंकज चतुर्वेदी भारत दुनिया की लगभग 18% आबादी का घर […]

Read more
India's Green Path From Conservation to Climate Action

भारत का हरित पथ

संरक्षण से जलवायु कार्रवाई तक परिचय इक्कीसवीं सदी में विकास और पर्यावरण के बीच संबंध नीति-विमर्श के हाशिए से उठ कर राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया के […]

Read more
विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ताज़ा रिपोर्ट-2026 तपती धरती और बढ़ता संकट: क्या हम चेतेंगे ?

विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ताज़ा रिपोर्ट-2026

तपती धरती और बढ़ता संकट: क्या हम चेतेंगे ? सुनील कुमार महला लगातार अंधाधुंध दोहन और प्रकृति के प्रति लापरवाही के कारण आज हमारी धरती(नीला […]

Read more
मार्च में दिसंबर की दस्तक : बिखरता ऋतुचक्र

मार्च में दिसंबर की दस्तक : बिखरता ऋतुचक्र

इस विचित्र कोहरे के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझना अनिवार्य पंकज चतुर्वेदी भारतीय कैलेंडर में मार्च का महीना उस संधि काल का प्रतीक है […]

Read more
धराली त्रासदी का नया सच: ग्लेशियर से टूटा हिमखंड बना विनाशकारी सैलाब

धराली त्रासदी का नया सच: ग्लेशियर से टूटा हिमखंड बना विनाशकारी सैलाब

भू-वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालय दुनिया की सबसे युवा पर्वतमालाओं में से एक अजय सहाय 5 अगस्त 2025 को धराली (हर्षिल घाटी) में आई अचानक और […]

Read more
घटते तालाब, बढ़ता जल संकट: गाँव की जल-जीवन रेखा तालाबों का भू-वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और कानूनी महत्व

घटते तालाब, बढ़ता जल संकट: गाँव की जल-जीवन रेखा

तालाबों का भू-वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और कानूनी महत्व अजय सहाय भारत की पारंपरिक जल-संस्कृति में तालाब (पोंड/टैंक) हजारों वर्षों से ग्रामीण जल प्रबंधन का आधार […]

Read more
पंचायती राज संस्थान जल सुरक्षा को तेजी से सुनिश्चित कर सकते हैं

पंचायती राज संस्थान जल सुरक्षा को तेजी से सुनिश्चित कर सकते हैं

जल प्रबंधन के स्थायी समाधानों की योजना बनाने और उन्हें सबसे उपयुक्त तरीके से ज़मीन पर लागू करने में स्थानीय सरकारें सबसे कारगर हो सकती […]

Read more