Tag: #पर्यावरण

समाज को उजाड़ कर बस ना पाएगी लोकतक झील

समाज को उजाड़ कर बस ना पाएगी लोकतक झील

पंकज चतुर्वेदी देश को मणिपुर की चिंता तब ही होती है जब वहाँ से कोई हिंसा की बात हो लेकिन इस राज्य का अस्तित्व और […]

Read more
नदियों में घटते जल से खतरे में है भीतरकनिका का पर्यावरणीय तन्त्र

नदियों में घटते जल से खतरे में है भीतरकनिका का पर्यावरणीय तन्त्र

पंकज चतुर्वेदी खारास्रोता नदी में मीठे पानी की घटती क्षमता भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। आई आई टी हैदराबाद […]

Read more

ग्लेशियर मॉडल में मौसम की चरम स्थितियों को शामिल करने से सामने आई चेतावनी: तेजी से पिघल रही है बर्फ, और खतरनाक गति से बढ़ रहा है समुद्र का जलस्तर

धीरज चतुर्वेदी वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए ग्लेशियरों के नए और उन्नत मॉडल दर्शाते हैं कि अल्पकालिक मौसम के उतार-चढ़ाव—विशेषकर अत्यधिक भीषण गर्मी और लू […]

Read more
जैव विविधता का विनाश केवल वन्यजीवों का संकट नहीं है। यह हमारे भोजन, पानी, स्वास्थ्य और जीवन के भविष्य पर मंडराता खतरा है।

पृथ्वी पर छठे महाविलुप्ति संकट की आहट: मानवता के लिए कितना बड़ा खतरा?

जैव विविधता का विनाश केवल वन्यजीवों का संकट नहीं है। यह हमारे भोजन, पानी, स्वास्थ्य और जीवन के भविष्य पर मंडराता खतरा है। धीरेंद्र कुमार […]

Read more
सुरम्य- साल के अधिकांश महीने बर्फ से ढंके लेह इन दिनों देश का दूसरा सर्वाधिक प्रदूषित शहर हो गया है । पहले स्थान पर ग्रेटर नोएडा है जो कि औद्योगिक कारणों से हैं लेकिन लेह बढ़ते पर्यटक और ओज़ोन के कारण जहरीला हो रहा है । पर्यटन से भले स्थानीय लोगों की ये बढ़ रही है लेकिन यह वहाँ जीवन का संकट उपजा रहा है । यह लेख इसी विषय पर है

हिम-मरु  में साँसों का संकट

पंकज चतुर्वेदी हिमालय की गोद में बसे लेह-लद्दाख के इस विशाल शीत मरुस्थल या हिम-मरु  की निर्मल वादियों और पारदर्शी नीले आसमान को दुनिया भर […]

Read more
झारखण्ड - जिस राज्य की पहचान ही सुरम्य वन और सघन जल संसाधन हुआ करती थी,

झारखण्ड

पंकज चतुर्वेदी जिस राज्य की पहचान ही  सुरम्य वन और सघन जल संसाधन हुआ करती थी, आज गर्मी की शुरुआत में ही बूंद बूंद पानी को […]

Read more
अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने से बस्तर को भले ही कुछ खास भला ना हुआ हो, लेकिन वहां शहरीकरण की गति तो बढ़ी।

तालाब खतम करने से प्यासा है बस्तर

पंकज चतुर्वेदी अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने से बस्तर को भले ही कुछ खास भला ना हुआ हो, लेकिन वहां शहरीकरण की गति तो बढ़ी। पूरे […]

Read more