Tag: #पर्यावरण

फोटो - गूगल

प्रकृति से प्रेम कर ही बचाई जा सकती है धरती

खिलते हुए फूल, सुहानी हवा, पेड़-पौधे, जीव-जन्तु, ऊंचाई से गिरते झरनें, बहता हुआ पानी, नदियां व पहाड़, सूरज, चांद और तारे-ये सब प्रकृति के ही अवयव हैं। प्रकृति के ये अवयव अनेक तौर-तरीकों से हमें प्यार करने के लिए प्रेरित करते हैं।

Read more
Photo- Google

स्थानीय पर्यावरणीय समस्याएँ और सकारात्मक कार्य

स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान केवल सरकार और बड़े संगठनों की ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।

Read more
फोटो - गूगल

मानसून में मन के आंसू

क्या जल बिना जीवन संभव है? क्या जंगल बिना मंगल संभव है? और क्या समाज की संपन्नता के बिना व्यक्ति की संपन्नता संभव है? सत्ता को समाज के आंसू दिखते भी हैं या नहीं? समाज को अपने आंसू पोछना सीखना होगा।

Read more
फोटो - गूगल

खतरे में धरती

महात्मा गांधी विश्व में मुक्ति के महानतम और अलीक योद्धा रहे हैं। वह हर तरह के अभिशाप और विकार से मुक्ति के हिमायती थे। आज धरती प्रदूषण से मुक्ति की आकांक्षी है। गांधी का कहना था कि धरती सबकी जरूरतें पूरी कर सकती है, सबका लालच नहीं। उन्होंने कहा था- The earth, the land, the air and the water are not an inheritance from our forefathers but an loan from our children. So we have to  handover to them at least as it was handed over to us.
क्या महात्मा के इस अमृत वाक्य में धरती को बचाने का मंत्र निहित नहीं है?

Read more